किशनगढ़ में मार्बल स्लरी डंपिंग पर NGT सख्त, जांच के लिए संयुक्त समिति गठित

किशनगढ़: कृषि भूमि पर मार्बल स्लरी कचरे की कथित अवैध और अवैज्ञानिक डंपिंग के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। NGT की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ भोपाल ने मामले की तथ्यात्मक जांच के लिए एक संयुक्त समिति गठित की है। समिति मौके का निरीक्षण कर छह सप्ताह के भीतर रिपोर्ट अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

यह आदेश शुक्रवार को मूल आवेदन संख्या 173/2026 (CZ), देवीदास खत्री बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य मामले में न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने पारित किया।

कृषि भूमि और भूजल प्रदूषण की आशंका

आवेदन में आरोप लगाया गया कि किशनगढ़ क्षेत्र में अनियंत्रित खनन, मार्बल प्रसंस्करण और स्लरी के अवैज्ञानिक निस्तारण से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। कृषि भूमि पर खुले में डाली जा रही मार्बल स्लरी गर्मियों में हवा के साथ फैलने और मानसून में बारिश के पानी के साथ बहने से कृषि भूमि और भूजल प्रदूषण का खतरा पैदा कर सकती है।

आवेदन में स्लरी डाइक की स्थिरता, डिकैंटेड पानी के पुनः उपयोग और कथित अवैध स्लरी डंपिंग स्थलों के विस्तृत सर्वेक्षण सहित प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय करने की मांग की गई है।

कलेक्टर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि होंगे समिति में

NGT ने जांच के लिए गठित संयुक्त समिति में किशनगढ़ कलेक्टर के प्रतिनिधि और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के प्रतिनिधि को शामिल किया है।

समिति को मौके का निरीक्षण कर मामले से जुड़े तथ्यों और अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट छह सप्ताह में NGT के समक्ष पेश करनी होगी। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को समिति के समन्वय और लॉजिस्टिक सहायता के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।

प्रतिवादियों से भी मांगा जवाब

अधिकरण ने सभी प्रतिवादियों को छह सप्ताह के भीतर पैरावार जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। उन्हें पूर्व में उद्धृत मामलों में पारित आदेशों के बाद उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी भी देनी होगी।

वहीं, आवेदक को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक दस्तावेज और आवेदन की प्रति समिति एवं प्रतिवादियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद सेवा पूरी होने की पुष्टि करते हुए हलफनामा दाखिल करना होगा।

NGT ने समिति की रिपोर्ट सर्चेबल PDF/OCR सपोर्टेड PDF के रूप में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए हैं।

4 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है। अब समिति की रिपोर्ट से किशनगढ़ में मार्बल स्लरी के कथित अवैध निस्तारण की वास्तविक स्थिति और पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए की गई कार्रवाई की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।


👇 हमारी मुहिम से जुड़ें:

🛑 भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करें!

क्या आपके पास किसी घोटाले की पुख्ता जानकारी है? हमारे 'Secure Drop' पर भेजें। आप नाम बताएँ या पहचान छुपाएँ, यह आपकी मर्जी है। सच को दुनिया के सामने लाना हमारी जिम्मेदारी है।

🔗 सुरक्षित रूप से रिपोर्ट करें

Share This Article
Leave a Comment