SI भर्ती पेपर लीक: RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा का ड्राइवर गिरफ्तार, बेटे को फायदा पहुंचाने का आरोप

जयपुर/अजमेर: राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। एसओजी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के तत्कालीन ड्राइवर नादान सिंह राठौड़ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर अपने बेटे को परीक्षा में अवैध लाभ पहुंचाने का गंभीर आरोप है।

राज्य सरकार की नकल माफिया के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की जा रही इस कार्रवाई के बाद, इस बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार होने वाले आरोपियों की कुल संख्या 141 तक पहुंच गई है।

बेटे को पास कराने के लिए रची थी सुनियोजित साजिश

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी नादान सिंह राठौड़ (50 वर्ष) मूल रूप से पदमपुरा (थाना गेगल, जिला अजमेर) का निवासी है। वह आरपीएससी, अजमेर में ड्राइवर के पद पर तैनात था।

जांच में सामने आया है कि नादान सिंह ने अपने बेटे अजय प्रताप सिंह को सब-इंस्पेक्टर बनाने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी। उसने न केवल अपने बेटे का आवेदन करवाया, बल्कि आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा से सीधे संपर्क साधकर लिखित परीक्षा में मदद सुनिश्चित कराई।

भांजे से ड्राइवर और ड्राइवर से बेटे तक पहुंचा पेपर

एसओजी की तफ्तीश में इस पूरे नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है:

  • बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से पहले ही तीनों लिखित परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र और उत्तर कुंजी (Answer Key) अपने भांजे विजय कुमार डामोर (निवासी डूंगरपुर) को दे दी थी।
  • ड्राइवर नादान सिंह ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विजय कुमार डामोर से वे प्रश्न-उत्तर हासिल किए।
  • इसके बाद नादान सिंह ने परीक्षा से ठीक पहले ये प्रश्न-पत्र अपने बेटे अजय प्रताप सिंह तक पहुंचाए और उसे विशेष तैयारी करवाई, जिससे उसने परीक्षा में अनुचित लाभ उठाया।

जांच का दायरा बढ़ा: एसओजी अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इस पूरे खेल में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।

22 मई तक पुलिस रिमांड पर आरोपी

एसओजी ने नादान सिंह राठौड़ को 20 मई को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 21 मई (गुरुवार) को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 22 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

रिमांड के दौरान एसओजी नादान सिंह से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे बाबूलाल कटारा द्वारा पेपर आउट किए जाने की जानकारी सबसे पहले कैसे मिली और क्या उसने इस लीक पेपर को किसी अन्य अभ्यर्थी को भी बेचा था। एसओजी का दावा है कि इस पूरे नकल नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सघन जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।

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