हवामहल में एटीएस की मॉकड्रिल: सुरक्षा घेराबंदी और त्वरित एक्शन देख दंग रह गए पर्यटक

जयपुर। गुलाबी नगरी के विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक ‘हवामहल’ में बुधवार को सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक विशेष मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) की 4th ईआरटी (Emergency Response Team) के जवानों ने इस दौरान अपनी युद्धक क्षमताओं और त्वरित कार्रवाई (Quick Action) का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया।

रणनीतिक घेराबंदी और रेस्क्यू का अभ्यास

मॉकड्रिल के दौरान हवामहल परिसर अचानक कड़े सुरक्षा घेरे में तब्दील हो गया। एटीएस के अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवानों ने योजनाबद्ध तरीके से पूरे स्मारक को चारों तरफ से घेर लिया। अभ्यास के दौरान जवानों को एक काल्पनिक आपातकालीन स्थिति दी गई थी, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए टीम ने त्वरित सुरक्षा घेराबंदी (Cordone), संदिग्धों को बेअसर करने और परिसर में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने (Rescue Operation) का सफल अभ्यास किया। जवानों के इस सामरिक कौशल और बेहतरीन समन्वय को देखकर वहाँ मौजूद लोग दंग रह गए।

उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ संचालन

इस महत्वपूर्ण सुरक्षा अभ्यास की निगरानी के लिए प्रशासनिक और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। मॉकड्रिल का आयोजन एटीएस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राजेन्द्र सिंह एवं हवामहल की अधीक्षक सरोजनी चंचलानी की प्रत्यक्ष उपस्थिति में किया गया। वहीं, जमीन पर सुरक्षा संचालन का नेतृत्व टीम कमांडर दिनेश कुमार मीणा और सीएचएम मुकेश सैनी ने किया। अधिकारियों ने जवानों के रिस्पांस टाइम (प्रतिक्रिया समय) और उनके बीच के तालमेल की बारीकी से समीक्षा की।

पर्यटकों में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा

हवामहल जयपुर के सबसे व्यस्त पर्यटन स्थलों में से एक है, जहाँ हर समय सैकड़ों देशी-विदेशी पर्यटक मौजूद रहते हैं। अचानक हुई इस गतिविधि को देखकर शुरुआत में पर्यटक थोड़े अचंभित हुए, लेकिन जब उन्हें पता चला कि यह देश और उनकी सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए एक अभ्यास (Mock Drill) है, तो उन्होंने जवानों की हौसलाअफजाई की। इस सफल अभ्यास से न केवल स्मारक की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है, बल्कि यहाँ आने वाले पर्यटकों में भी राजस्थान पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के प्रति विश्वास और अधिक गहरा हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के नियमित अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे के खिलाफ सुरक्षा ग्रिड को हर समय ‘हाई अलर्ट’ पर रखना है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना का सामना पूरी मुस्तैदी से किया जा सके।

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