हिण्डौन | सरकारी कार्यालयों में आमजन के कार्यों में लेटलतीफी और लापरवाही बरतना नगर परिषद हिण्डौन के एक बाबू को भारी पड़ गया है। करौली के जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने औचक निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं उजागर होने पर कड़ा एक्शन लेते हुए वरिष्ठ सहायक हरिमोहन जाटव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से नगर परिषद सहित जिले के अन्य सरकारी महकमों में भी हड़कंप मच गया है।
जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने बताया कि नगर परिषद हिण्डौन में राजकीय कार्यों के निष्पादन में अनियमितताओं और लापरवाही को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर जब औचक निरीक्षण किया गया, तो पाया गया कि वरिष्ठ सहायक हरिमोहन जाटव द्वारा पट्टा प्रकरणों की पत्रावलियों में नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही थी। जाटव ने आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पट्टा प्रकरणों को बिना किसी उचित कारण के वर्षों तक अटकाए रखा और संबंधित फाइलों को समय पर आयुक्त या प्रशासक के समक्ष पेश ही नहीं किया।

जिला प्रशासन ने बाबू के इस कृत्य को प्रथम दृष्टया राजकीय कार्यों के प्रति भारी उदासीनता, विभागीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक अनुशासनहीनता माना है, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा। इन गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए जिला कलेक्टर ने राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम-13 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए आरोपी वरिष्ठ सहायक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और उसे तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
