राजधानी जयपुर में पुलिसकर्मी की वर्दी का सहारा लेकर एक व्यापारी का अपहरण करने और उसके परिजनों से फिरौती मांगने वाले गिरोह के मुख्य सरगना के लिए विदेश भागना भी आखिरकार बचाव का रास्ता साबित नहीं हुआ। एजीटीएफ (Anti-Gangster Task Force) और इंटरपोल की संयुक्त कार्रवाई के बाद मास्टरमाइंड करण आसवानी उर्फ कमल सिंधी को दुबई से दबोच लिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
खोह नागोरियान थाने में 21 अगस्त 2025 को दर्ज एफआईआर के अनुसार, व्यापारी नरेंद्रनाथ दत्ता 20 अगस्त 2025 को अपने घर से वैशाली नगर के लिए निकले थे। अगले दिन उनके परिजनों को उनके ही मोबाइल से फोन आया कि उनका अपहरण कर लिया गया है और उन्हें छोड़ने के लिए फिरौती की रकम चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत व्यापारी दत्ता और उनके चालक योगेश को सुरक्षित छुड़ा लिया था।
एक-एक कर शिकंजे में आए आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने इस वारदात में शामिल हर्ष गौतम, कनक गांगुली और अजय बेनीवाल उर्फ शाका को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने पुलिसकर्मी की वर्दी पहनकर व्यापारी को बंधक बनाया था और आगरा सहित अन्य ठिकानों पर रखकर फिरौती की मांग कर रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से इनोवा क्रिस्टा और स्विफ्ट कार भी बरामद की थी।
दुबई तक पीछा और रेड कॉर्नर नोटिस
अन्य साथियों के पकड़े जाने के बाद करण आसवानी देश छोड़कर भाग निकला था और उसे लगता था कि वह कानून की पहुंच से बाहर हो गया है। हालांकि, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (ATS, ANTF, AGTF) दिनेश एमएन के निर्देशन में एजीटीएफ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका पीछा जारी रखा। आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी कराकर यूएई के अबूधाबी स्थित इंटरपोल से लगातार समन्वय स्थापित किया गया। लोकेशन ट्रेस होने के बाद अबूधाबी इंटरपोल की टीम ने उसे डिटेन किया, जिसके बाद एएसपी सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में गई जयपुर पुलिस टीम उसे लेकर गुरुवार देर रात जयपुर पहुंच गई।
ढाई दशक पुराना है आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, करण आसवानी का अपराध की दुनिया से पुराना नाता रहा है:
- साल 2000: मुरलीपुरा थाने में हत्या का पहला मामला दर्ज हुआ।
- साल 2003 व 2005: शिप्रापथ थाने में बलवा, मारपीट, घर में घुसकर हमला और चोरी के मामले दर्ज हुए।
- साल 2009: मानसरोवर थाने में मारपीट और बलवा का मामला सामने आया।
- साल 2023: बिंदायका और खोह नागोरियान थानों में अपहरण व जबरन वसूली के प्रकरण दर्ज हुए।
- साल 2025: खोह नागोरियान थाने में व्यापारी के अपहरण और संगठित अपराध का यह नया मामला जुड़ा।
अब जयपुर लौटने के बाद पुलिस अदालत के समक्ष पेश कर आरोपी से विस्तृत पूछताछ और आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।