जयपुर: राजधानी के बनीपार्क स्थित जयपुर सेशन कोर्ट परिसर में सोमवार को फर्जी जमानत उपलब्ध कराने वाले एक शातिर युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट में सक्रिय एक वकील की सूझबूझ और सतर्कता के चलते यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। आरोपी कोर्ट परिसर में खुलेआम घूमकर जमानत के नाम पर ग्राहकों की तलाश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
एडवोकेट मिनार्क जैन ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 1:30 से 2 बजे के बीच एक युवक कोर्ट परिसर में संदिग्ध अवस्था में घूम रहा था। वह मुल्जिमों के लिए पैसों के एवज में फर्जी जमानत उपलब्ध कराने की फिराक में था। जब एडवोकेट मिनार्क जैन ने उससे फोन पर बातचीत की, तो आरोपी ने दो जमानतियों के एवज में अलग-अलग रकम की मांग की।
आरोपी ने एक जमानती के लिए 1500 रुपये और दूसरे के लिए 5000 रुपये मांगे। साथ ही उसने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी कई अदालतों में इस तरह से फर्जी जमानत दे चुका है।
दस्तावेज दिखाकर बुलवाया दूसरा साथी
शक गहराने पर एडवोकेट मिनार्क जैन ने आरोपी को बातचीत के सिलसिले में अपने पास बुलाया। आरोपी ने पूछताछ के दौरान दो जमानतियों के दस्तावेज दिखाए। इनमें से एक दस्तावेज खुद का था, जबकि दूसरा किसी अन्य व्यक्ति का बताया गया था। आरोपी फोन पर अपने दूसरे साथी को भी तुरंत कोर्ट बुलाने की बात कह रहा था।
वकील ने पुलिस को दी सूचना, साथियों की मदद से दबोचा
मामला पूरी तरह संदिग्ध लगने पर एडवोकेट मिनार्क जैन ने तुरंत 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल कालूराम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एडवोकेट मिनार्क जैन और उनके अन्य साथियों की मदद से पुलिस ने आरोपी हरिनारायण को कोर्ट परिसर में स्थित एक फोटोकॉपी की दुकान के पास से दबोच लिया।
आरोपी के पास मिले फर्जी दस्तावेज
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी हरिनारायण के कब्जे से चार फोटोकॉपी किए हुए संदिग्ध कागजात बरामद किए। पुलिस तुरंत आरोपी को अपनी हिरासत में लेकर सदर थाने ले गई। एडवोकेट मिनार्क जैन की शिकायत पर सदर थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि एडवोकेट मिनार्क जैन द्वारा पहले भी कोर्ट परिसर में सक्रिय फर्जी जमानत गैंग के खिलाफ मामले दर्ज करवाए गए हैं, जिनकी जांच अभी चल रही है।