मुहाना थाने में बर्बरता? 10 लाख का ऑफर, 2 लाख की वसूली और 16 वर्षीय रितु लुहार की मौत, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल

जयपुर: राजधानी जयपुर के मुहाना थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और खाकी को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। पुलिस कस्टडी (Custodial Torture) में बर्बरता के आरोपों के बीच 16 साल के एक मासूम बालक रितु लुहार की सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है, वहीं मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

दुबई से सोना लाने का शक और 2 लाख की वसूली का आरोप

यह पूरा मामला 22 लाख रुपये के सोने की कथित तस्करी और लेनदेन से जुड़ा बताया जा रहा है। मृतक के परिजनों के अनुसार, मृतक के पिता प्रकाश 17 सितंबर को दुबई से सांगानेर एयरपोर्ट पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पिता प्रकाश को सोने की तस्करी के शक में पकड़ लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।

हद तो तब हो गई जब आरोप के मुताबिक पुलिस ने पिता को बंधक बनाकर बेटे से पैसे मंगवाए। परिजनों का दावा है कि 2 लाख रुपये की रिश्वत ऐंठने के बावजूद मुहाना थाने में पिता-पुत्र दोनों को बुरी तरह पीटा गया, जिससे नाबालिग रितु की हालत गंभीर हो गई।

अस्पतालों के चक्कर और सुबह 3:30 बजे टूटी सांसें

थाने में हुई कथित हैवानियत के बाद 16 वर्षीय रितु लुहार कोमा जैसी स्थिति में पहुंच गया। पुलिस उसे पहले मुहाना इलाके के ही एक निजी अस्पताल में ले गई। वहां से उसे नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और स्थिति बिगड़ने लगी, तो उसे जयपुर के एसएमएस (SMS) अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया। जिंदगी और मौत से जंग लड़ते हुए सोमवार तड़के 3:30 बजे मासूम ने दम तोड़ दिया।

मां का दावा: “मामला रफा-दफा करने के लिए दिया 10 लाख का ऑफर”

मृतक की मां हेमा ने मुहाना थाने के तीन पुलिसकर्मियों पर बेरहमी से पीटने का सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। मां का कहना है कि जब बेटे की हालत बिगड़ने लगी, तो पुलिस वालों ने किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ झूठी FIR दर्ज कराने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, आरोप है कि पुलिस ने अपना मुंह बंद रखने और मामले को दबाने के एवज में परिवार को 10 लाख रुपये का ऑफर भी दिया था।

पुलिस का इनकार, कहा- “होटल की मारपीट का है मामला”

इन तमाम गंभीर आरोपों के बीच पुलिस ने अपनी तरफ से सफाई देते हुए सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि थाने में किसी के साथ कोई मारपीट नहीं हुई।

पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, इस्कॉन मंदिर के पास स्थित ‘गोल्डन इन होटल’ में कुछ लोगों के साथ हुई झड़प के दौरान रितु घायल हुआ था। पुलिस ने यह भी दावा किया कि रितु उन्हें होटल के बाहर अज्ञात बीमारी की हालत में बेहोश मिला था। अपनी बात को साबित करने के लिए पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज मौजूद होने का दावा कर रही है।

मोर्चरी में रखा है शव, न्याय की गुहार

फिलहाल नाबालिग रितु लुहार का शव एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी (मुर्दाघर) में रखवाया गया है। परिजन दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगा रहे हैं। पुलिस कस्टडी में हुई इस मौत के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठने लगी है।


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