EXPOSE NOW: पीएम सूर्य घर योजना में बड़ा ‘सोलर घोटाला’, सरकार और जनता को करोड़ों का चूना !

जयपुर। राजस्थान में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की आड़ में उपभोक्ताओं और सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ‘Expose Now’ की विशेष पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि सोलर वेंडर्स और डिस्कॉम अधिकारियों के बीच पनपे एक ‘गठजोड़’ ने योजना के सुरक्षा मानकों और सब्सिडी नियमों को ताक पर रख दिया है। इस खेल में न केवल घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है, बल्कि सरकारी पोर्टल पर गलत डेटा फीड कर सब्सिडी हड़पने की साजिश भी रची जा रही है।

सोलर इंस्टॉलेशन में बड़ी धांधली, 10 गंभीर खुलासे:-

-DCR बनाम Non-DCR पैनल घोटाला: नियमों के मुताबिक सब्सिडी के लिए केवल डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (DCR) पैनल ही मान्य हैं, लेकिन कंपनियां मुनाफा कमाने के लिए DCR और Non-DCR पैनलों को मिलाकर लगा रही हैं ।

-लोड कैपेसिटी के साथ खिलवाड़: ज्यादा बिल बनाने के लालच में कंपनियां उपभोक्ता की स्वीकृत भार क्षमता से अधिक का इन्वर्टर और पैनल लगा रही हैं, जिससे सिस्टम पर अनावश्यक भार पड़ता है

-घटिया मटेरियल का इस्तेमाल: सोलर पैनल के स्ट्रक्चर, तार और अन्य उपकरणों में बेहद निम्न स्तर की क्वालिटी का उपयोग किया जा रहा है, जो कुछ ही समय में खराब हो जाते हैं ।

-MNRE गाइडलाइन्स का उल्लंघन: सोलर स्ट्रक्चर और तकनीकी कार्य भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की सुरक्षा और कार्यक्षमता संबंधी गाइडलाइन्स के अनुसार नहीं किए जा रहे हैं।

-अर्थिंग में भारी लापरवाही: सिस्टम में बिना प्रॉपर अर्थिंग के कार्य किया जा रहा है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का गंभीर खतरा बना रहता है।

-प्रोजेक्ट कॉस्ट में धोखाधड़ी: MNRE द्वारा जारी तय प्रोजेक्ट कॉस्ट से कहीं अधिक राशि उपभोक्ताओं को गुमराह करके वसूली जा रही है।

-डिस्कॉम की मिलीभगत: बिजली वितरण कंपनियों (Discom) के अधिकारी बिना सही निरीक्षण (Inspection) के ही प्रोजेक्ट्स को अप्रूवल दे रहे हैं और बिना सक्षम अधिकारी की मौजूदगी के मीटर लगाए जा रहे हैं।

-क्षमताओं की हेराफेरी: 3KW से अधिक के कनेक्शन पर भी वेंडर्स अधिकारियों की मिलीभगत से पहले 3KW DCR पैनल लगाते हैं और फिर अवैध लाभ के लिए Non-DCR पैनल लगा देते हैं।

-काम में देरी और मानसिक प्रताड़ना: वेंडर्स काम शुरू करने के बाद उसे 5-6 महीने तक अधूरा छोड़ देते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

-PM पोर्टल पर गलत जानकारी: वेंडर्स द्वारा योजनाबद्ध तरीके से नियमों का उल्लंघन करते हुए पीएम पोर्टल पर गलत डेटा फीड कर विभाग को गुमराह किया जा रहा है।

सूर्य घर योजना में गड़बड़ी पर हो सख्त कार्रवाई:-

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। राजस्थान के तीनों डिस्कॉम (जयपुर, जोधपुर, अजमेर) के जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएं। साथ ही, नियमों के विरुद्ध कार्य करने वाले सोलर वेंडर्स और अधिकृत फर्मों को तत्काल प्रभाव से ब्लैक-लिस्ट कर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए ।

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