इक्वाडोर में तिरंगे का गौरव: राजदूत लोकेश मीणा और धोली मीणा ने सात समंदर पार लहराया भारतीय संस्कृति का परचम

क्विटो (इक्वाडोर): दक्षिण अमेरिका के प्रमुख देश इक्वाडोर गणराज्य में इस बार 26 जनवरी का नजारा ऐतिहासिक रहा। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पहली बार भारतीय समुदाय द्वारा आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय पर्व का भव्य आयोजन किया गया। भारत के कार्यवाहक राजदूत लोकेश मीणा के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह ने सात समंदर पार भारतीय राष्ट्रवाद और संस्कृति का परचम लहराया।

वैश्विक मंच पर भारतीय राजनयिकों का जमावड़ा

समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें इक्वाडोर सरकार के आला अधिकारी और दुनिया भर के प्रतिनिधि शामिल हुए।

  • प्रमुख अतिथि: इक्वाडोर के उप विदेश मंत्री अलेजांद्रो देवलुस और सरकार की मंत्री नताली मोरिलो ने इस ऐतिहासिक पल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
  • राजनयिक उपस्थिति: भारत के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए 40 से अधिक देशों के राजदूत इस स्वागत समारोह में शामिल हुए।

राजस्थानी ‘घूमर’ और रंगोली से महकी भारतीय संस्कृति

समारोह के केंद्र में भारतीय परंपराएं और कला रही। पूरे सभागार को भारतीय फूलों और सजावट से दुल्हन की तरह सजाया गया।

  • पारंपरिक स्वागत: भारत की बेटी धोली मीणा ने प्रवेश द्वार पर पारंपरिक भारतीय रंगोली बनाकर विदेशी मेहमानों का स्वागत किया।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुति: धोली मीणा ने विदेशी मंच पर राजस्थान की शान ‘घूमर’ नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
  • नन्हीं प्रतिभाएं: भारतीय बच्चों ने भी नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसने समारोह में चार चाँद लगा दिए।

तिरंगे के सम्मान में झुके सर

कार्यवाहक राजदूत लोकेश मीणा के नेतृत्व में जब ध्वजारोहण किया गया, तो वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों और विदेशी अधिकारियों ने पूरे हर्षोल्लास के साथ तिरंगे को सलामी दी। यह आयोजन न केवल भारत और इक्वाडोर के बीच मजबूत होते राजनयिक संबंधों का प्रतीक है, बल्कि यह विदेशों में बसने वाले भारतीयों की अपनी जड़ों के प्रति अटूट प्रेम को भी दर्शाता है।

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