जयपुर। राजस्थान में इस साल मानसून की रफ्तार और प्रभाव पिछले वर्ष की तुलना में काफी कमजोर (फीका) साबित हुआ है। जल संसाधन विभाग के 30 अगस्त 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के बांधों में कुल भराव क्षमता का मात्र 58.04% पानी ही आ पाया है, जबकि पिछले वर्ष 30 अगस्त 2025 तक राज्य के बांध 83.40% तक लबालब भर चुके थे। इस प्रकार पिछले साल की तुलना में इस बार बांधों में करीब 25.36% कम पानी दर्ज किया गया है।
- पिछले साल (2025) बनाम इस साल (2026) के आंकड़ों में मानसून का सीधा अंतर:-
राज्य के कुल 693 बांधों की कुल जल भराव क्षमता 13,029.090 M.cum (मिलियन क्यूबिक मीटर) है:
-30 अगस्त 2026 की स्थिति: प्रदेश के बांधों में वर्तमान में कुल 7,561.936 M.cum (58.04%) पानी उपलब्ध है।
-30 अगस्त 2025 की स्थिति: इसी अवधि में पिछले साल बांधों में 10,866.596 M.cum (83.40%) पानी का भारी स्टॉक मौजूद था।
-मानसून पूर्व स्थिति: 15 जून 2026 को मानसून प्रवेश से पहले राज्य के बांधों में 5,792.479 M.cum (44.46%) पानी था, यानी इस पूरे मानसूनी सीजन में अब तक मात्र करीब 13.58% अतिरिक्त पानी की ही आवक हो सकी है।
- बड़े, मझले और छोटे बांधों की श्रेणीवार स्थिति:-
प्रदेश के बांधों की क्षमता के आधार पर जल स्तर का अलग-अलग विश्लेषण इस प्रकार है:
23 बड़े मुख्य बांध (Major Dams):- इनकी कुल क्षमता 8,196.754 M.cum है, जिसके मुकाबले वर्तमान में 5,386.496 M.cum (65.71%) पानी है। पिछले साल 30 अगस्त 2025 को इनमें 7,375.380 M.cum (89.98%) पानी था।
263 मझले व मध्यम बांध (4.25 M.cum से अधिक क्षमता):- इनकी कुल क्षमता 4,007.722 M.cum है, जिसके मुकाबले अभी मात्र 1,928.694 M.cum (48.12%) पानी ही भर सका है (पिछले साल यह 2,980.832 M.cum भरा था)।
407 छोटे बांध (4.25 M.cum से कम क्षमता):- छोटे बांधों की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। इनकी कुल क्षमता 824.614 M.cum है, जिसमें वर्तमान में केवल 246.746 M.cum (29.92%) पानी ही आ पाया है, जबकि गत वर्ष यह 535.101 M.cum था।


- भराव की जमीनी हकीकत: कितने लबालब, कितने आंशिक और कितने खाली?
प्रदेश के कुल 693 बांधों का भराव वर्गीकरण:
श्रेणी कुल बांध पूरे भरे आंशिक भरे खाली
| श्रेणी | कुल बांध | पूरे भरे | आंशिक भरे | खाली |
| बड़े व मझले बांध | 286 | 25 | 210 | 51 |
| छोटे बांध | 407 | 32 | 227 | 148 |
| कुल योग (Total) | 693 | 57 (8.22%) | 437 (63.06%) | 199 (28.72%) |
(राज्य के कुल 693 बांधों में से मात्र 57 बांध पूरी तरह भर पाए हैं, जबकि 199 बांध अब भी पूरी तरह सूखे/खाली पड़े हैं।)
- जोनवार स्थिति: जोधपुर संभाग में सबसे बुरा हाल, कोटा जोन सबसे आगे:-
मानसून की बेरुखी का सबसे बड़ा असर पश्चिमी राजस्थान में दिखा है:
-जोधपुर जोन: यहां के 117 बांधों में कुल क्षमता का मात्र 17.88% (177.29 M.cum) पानी ही है, जबकि पिछले साल 30 अगस्त को यहां 68.81% पानी था।
-कोटा जोन: हाड़ौती क्षेत्र सबसे बेहतर स्थिति में है, जहाँ 81 बांधों में 72.30% (3,235.70 M.cum) पानी आ चुका है (गत वर्ष 94.24% था)।
-बांसवाड़ा जोन: 63 बांधों में वर्तमान में 59.85% पानी है (गत वर्ष 93.37% था)।
-जयपुर जोन: 186 बांधों में 57.85% जल संग्रहण हुआ है (गत वर्ष 80.29% था)।
-भरतपुर जोन: 68 बांधों में 49.04% पानी है (गत वर्ष 57.93% था)।
-उदयपुर जोन: 178 बांधों में मात्र 44.91% पानी है (गत वर्ष 60.78% था)।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now