राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भू-माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई अब जमीन पर असर दिखाने लगी है। जयपुर के मानसरोवर थाना क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे बहुचर्चित भूमि विवाद मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है, जिससे कथित राजनीतिक रसूख और प्रभाव के दावों की पोल खुल गई है।
नोटिस मिलते ही फोन बंद कर भागा आरोपी
मालवीय नगर निवासी प्रमोद शर्मा, जो लंबे समय से अपने ऊंचे राजनीतिक संपर्कों और अधिकारियों तक पहुंच का दावा करते रहे हैं, अब पुलिस जांच के घेरे में हैं। बुधवार रात पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने बुलाने का नोटिस जारी किया। नोटिस मिलते ही प्रमोद शर्मा ने अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया और फरार हो गए।
राजनीतिक संपर्कों का दावा हुआ बेअसर
प्रमोद शर्मा लंबे समय से यह दावा करते रहे थे कि उनके उच्च राजनीतिक संपर्क हैं और वे कई बड़े IAS, IPS, RAS और RPS अधिकारियों को मनचाही पोस्टिंग दिलवा सकते हैं। लेकिन पुलिस के एक साधारण नोटिस के बाद ही यह दावा कमजोर पड़ गया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि उनके संपर्क में कौन-कौन से अधिकारी थे। यदि किसी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जन्मदिन का जश्न हुआ फीका
संयोग यह रहा कि उसी दिन प्रमोद शर्मा अपना जन्मदिन धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते सारी तैयारियां धरी रह गईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जन्मदिन समारोह स्थगित करने का संदेश जारी किया, जिसमें भीड़ और असुविधा का बहाना बनाया गया। हालांकि, वास्तविकता कुछ और ही थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गोपालपुरा बाईपास स्थित उनके घर के बाहर सड़क पर लगाए गए टेंट, शामियाने और हलवाई की भट्ठियां हटवाईं तथा रास्ता साफ कराया।
