अयोध्या साइबर क्राइम थाने में दर्ज मुकदमे से भाई का नाम हटाने के लिए मांगी गई थी 4 लाख रुपये की रिश्वत।

जयपुर / सीकर

मुकदमे में नाम हटाने की एवज में लाखों रुपये की रिश्वत मांगने वाले अयोध्या साइबर क्राइम थाने के चार पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की सीकर इकाई ने मंगलवार को एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई के दौरान दबोच लिया। एसीबी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

आरोपियों ने परिवादी के भाई के खिलाफ दर्ज साइबर क्राइम के मुकदमे से उसका नाम हटाने के बदले पहले 4 लाख रुपये मांगे थे, जो बाद में बातचीत के बाद 2.80 लाख रुपये में तय हुए।

मामला: मुकदमे से नाम हटाने का सौदा

एसीबी मुख्यालय को मिली शिकायत के अनुसार, परिवादी के भाई के खिलाफ पुलिस थाना साइबर क्राइम, जनपद अयोध्या में मुकदमा संख्या 22/2024 दर्ज किया गया था। परिवादी का आरोप था कि इस मामले से उसके भाई का नाम हटाने के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा लगातार मोटी रकम की मांग की जा रही है।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का गंभीरता से सत्यापन कराया। 17 अगस्त 2026 को हुए सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। आरोपी कांस्टेबल गौरव चारग द्वारा शुरुआती बातचीत में 4 लाख रुपये मांगे गए थे, जिसे बाद में घटाकर 2 लाख 80 हजार रुपये पर तय किया गया।

ट्रैप की कार्रवाई और गिरफ्तारी

मंगलवार को एसीबी की टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। तय स्थान पर जब परिवादी रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा, तो वहां अयोध्या साइबर क्राइम थाने के पुलिसकर्मी मौजूद थे।

जैसे ही कांस्टेबल सोहनलाल ने परिवादी से 2.80 लाख रुपये की रिश्वत राशि अपने कब्जे में ली, एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे धर दबोचा। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों को भी तुरंत घेर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:

  1. यशवंत सिंह – उप निरीक्षक (SI)
  2. पवन त्रिपाठी – कांस्टेबल
  3. सोहनलाल – कांस्टेबल (रिश्वत राशि प्राप्त करने वाला)
  4. गौरव चारग – कांस्टेबल

एसीबी के अधिकारियों का बयान

यह पूरी कार्रवाई एसीबी जयपुर के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में की गई। सीकर एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक सुनामी मील और उनकी टीम ने इस सफल ट्रैप को अंजाम दिया।

एसीबी अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। उनसे पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरी रिश्वतखोरी की साजिश में और कौन-कौन शामिल था तथा दबाव किस स्तर पर बनाया गया था।

एसीबी की आम जनता से अपील

भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी वैध काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत दी जाए।

  • टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1064
  • व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर: 94135-02834 (24 घंटे उपलब्ध)

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