जयपुर के ‘सफेदपोश’ ठिकानों का काला सच: खेती की जमीन पर ‘अय्याशी के महल’ और करोड़ों का अवैध कैसिनो

By Admin

जयपुर: गुलाबी नगरी जयपुर की पॉश कॉलोनियों और बाहरी सीमाओं (Fringe Area) में जब आम शहर सो जाता है, तब कुछ खास जगहों पर एक अलग ही काली दुनिया आबाद होती है। ऊँची दीवारों के पीछे से आती संगीत की तेज़ आवाज़ें और रसूखदारों की चमकती गाड़ियाँ—बाहर से ‘फार्म हाउस’ का बोर्ड लगाकर सुख-शांति का दिखावा करने वाली इन जगहों के अंदर का कड़वा सच अब एक बड़ा खुलासा बनकर सामने आया है। Expose Now ने सबसे पहले फरवरी में इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए “खेती की जमीन पर अय्याशी के महल और ग्लैमर की आड़ में करोड़ों के अवैध कारोबार” शीर्षक से इस साम्राज्य का पर्दाफाश किया था। आज उसी खुलासे पर मुहर लगाते हुए भांकरोटा पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के कैसिनो रैकेट (Casino Racket) का भंडाफोड़ किया है।

पिंक सिटी में ‘Mini Goa’ जैसा माहौल: 2 लाख की Entry और ‘Flight Mode’ पर मोबाइल

राजस्थान की राजधानी के शांत इलाकों में स्थित लग्जरी फार्महाउस अब अवैध कैसिनो के सुरक्षित ठिकाने बनते जा रहे हैं। भांकरोटा पुलिस ने ‘इंप्रेस ग्रीन्स’ के विला नंबर 5 में छापेमारी कर एक ऐसी ‘हाई-प्रोफाइल’ कैसिनो पार्टी पकड़ी है, जहाँ गोवा की तर्ज पर लाखों का जुआ खेला जा रहा था। इस अवैध खेल में शामिल होने की शुरुआती कीमत (Entry Fee) ही 1 से 2 लाख रुपये तय की गई थी। सुरक्षा के नाम पर मेहमानों के मोबाइल गेम शुरू होने से पहले ही ‘फ्लाइट मोड’ पर रखवा दिए जाते थे ताकि कोई लोकेशन या वीडियो लीक न हो सके। पुलिस ने मौके से मास्टरमाइंड प्रदीप लालवानी और उसके सहयोगी रॉबिन सहित कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया है।

Professional Dealers और ‘Hawala’ कनेक्शन का संगठित नेटवर्क

पूछताछ में सामने आया है कि यह कोई मामूली जुआ नहीं, बल्कि एक संगठित व्यापार था जिसे पूरी तरह कॉरपोरेट स्टाइल में चलाया जा रहा था। टेबल पर पत्ते बांटने (Dealing) के लिए दिल्ली और अन्य महानगरों से प्रोफेशनल लड़कियाँ बुलाई गई थीं। यदि खेलते समय किसी गेस्ट के पास नकदी खत्म हो जाती, तो मौके पर ही ‘हवाला’ (Hawala) के जरिए तुरंत कैश मंगवाने की सुविधा भी उपलब्ध थी। मेहमानों की खातिरदारी के लिए दो फाइव-स्टार शेफ और विदेशी शराब परोसने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित स्टाफ तैनात किया गया था। ऑर्गेनाइजर हर दांव की कुल रकम का 5% हिस्सा कमीशन के तौर पर काटता था, जिससे रातों-रात लाखों की कमाई की जा रही थी।

पुलिस से बचने का ‘Golden Formula’ और जेडीए की भूमिका पर सवाल

45 वर्षीय मास्टरमाइंड प्रदीप लालवानी, जो पिछले 6 साल से इस धंधे में सक्रिय है, ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए एक खास रणनीति बनाई थी। पुलिस की वीकेंड सक्रियता को देखते हुए ये पार्टियाँ अक्सर बुधवार या गुरुवार को रखी जाती थीं। फार्महाउस के बाहर भारी सुरक्षा और बाउंसर्स तैनात रहते थे, जो केवल ‘कोड वर्ड’ या पहचान होने पर ही गेट खोलते थे। ‘द पब्लिक हब’ के इस खुलासे ने साफ कर दिया है कि खेती की जमीन पर बिना किसी व्यावसायिक कन्वर्जन (Conversion) के बने ये ‘अय्याशी के महल’ न केवल सामाजिक माहौल बिगाड़ रहे हैं, बल्कि राजस्व की भी भारी चोरी कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक महकमे और जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तार आरोपियों की सूची

पुलिस ने मौके से मुख्य ऑर्गेनाइजर प्रदीप लालवानी, रॉबिन, शेखर लाल, अशोक कुमार, विक्रम सिंह, विनोद राणा और मोहित मेहता को गिरफ्तार किया है। वहीं, जुआ खेलने के आरोप में हर्षित राज, मोहित शर्मा, संजय सिंघानिया, शिवदास मीणा, अजय कुमार, जितेन्द्र चौधरी, विकास शर्मा, जुगल किशोर और अमित शर्मा को सलाखों के पीछे भेजा गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के मोबाइल डेटा और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क के राजनीतिक और ब्यूरोक्रेसी से जुड़े तारों का पता लगाया जा सके।

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