राजस्थान भाजपा का ‘डिजिटल अवतार’: 30 लाख कार्यकर्ताओं को मिल रही AI की ट्रेनिंग, विपक्ष के नैरेटिव को सोशल मीडिया से तोड़ेंगे

जयपुर: राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने संगठनात्मक ढांचे को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए एक अभूतपूर्व अभियान चला रही है। ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026’ के तहत प्रदेश के 30 लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, विधायकों और सांसदों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तकनीक के माध्यम से विपक्ष द्वारा खड़े किए गए नैरेटिव को काटना और पार्टी के पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाना है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य, मंडल स्तर पर शुरू हुई ट्रेनिंग

भाजपा ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए देशभर में करोड़ों कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा है। राजस्थान में इसकी कमान स्वयं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने संभाली है। ट्रेनिंग के लिए कुल 857 अनुभवी वक्ताओं का चयन किया गया है जो अलग-अलग सत्रों में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

न्यू जॉइनर्स के लिए ‘विशेष क्लास’

अभियान की एक खास बात यह है कि इसमें उन नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए विशेष सत्र रखे गए हैं, जो हाल ही में कांग्रेस या अन्य दल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्हें भाजपा की विचारधारा, कार्यसंस्कृति, इतिहास और विकास यात्रा से रूबरू कराया जा रहा है ताकि वे पार्टी की मुख्यधारा में पूरी तरह समाहित हो सकें।

सांसदों और विधायकों के लिए भी अनिवार्य

प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक और प्रदेश महामंत्री मिथिलेश गौतम के अनुसार, यह ट्रेनिंग केवल निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए नहीं है। बूथ स्तर से लेकर पार्षद, प्रधान, जिला प्रमुख, विधायक और सांसदों तक के लिए इसमें शामिल होना अनिवार्य किया गया है। 15 अलग-अलग सत्रों में चुनाव प्रबंधन, मीडिया हैंडलिंग और एआई के सही उपयोग जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की जा रही है।

‘सरल एप’ पर देना होगा टेस्ट, तभी मिलेगा सर्टिफिकेट

बीजेपी ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद पेशेवर और डिजिटल बनाया है। ट्रेनिंग लेने वाले हर व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन ‘सरल एप’ (Saral App) के माध्यम से होगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी का इसी एप पर ऑनलाइन टेस्ट लिया जाएगा। इस टेस्ट को सफलतापूर्वक पास करने वाले प्रतिभागियों को ही ट्रेनिंग पूरा होने का आधिकारिक सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

इस हाईटेक ट्रेनिंग के जरिए भाजपा आगामी चुनावों और सांगठनिक चुनौतियों के लिए अपनी ‘डिजिटल फौज’ तैयार कर रही है, जो सूचना तंत्र को मजबूत करने और पार्टी के लिए पॉजिटिव परसेप्शन (सकारात्मक छवि) बनाने का काम करेगी।

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