जयपुर, स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक के समावेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए IIHMR स्टार्टअप्स, जयपुर द्वारा ‘राजस्थान डिजिटल हेल्थ रिसर्च एवं एआई (AI) कार्यान्वयन रणनीति’ पर एक दिवसीय क्षेत्रीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक, सुरक्षित और साक्ष्य-आधारित विस्तार के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करना था।
स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के साथ तकनीक का तालमेल
कांफ्रेंस की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), राजस्थान के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने डिजिटल हेल्थ पहलों को राज्य की वास्तविक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जोड़ने पर जोर दिया।
डॉ. यादव के संबोधन के मुख्य बिंदु:
- नैतिक मापदंड: तकनीकी नवाचारों को लागू करते समय नैतिक और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है।
- कौशल उन्नयन: स्वास्थ्य कर्मियों को नई तकनीकों के लिए प्रशिक्षित करने हेतु सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
- जमीनी वास्तविकता: तकनीकी समाधान ऐसे होने चाहिए जो ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की चुनौतियों का समाधान कर सकें।
AI के मार्ग में चुनौतियां और समाधान
तकनीकी सत्रों के दौरान विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में AI के सीमित प्रभाव और भविष्य की बाधाओं पर विस्तृत चर्चा की:
- डेटा गुणवत्ता: डॉ. बी. लाल क्लीनिकल लेबोरेटरी के सीटीओ श्री अविनाश ने बताया कि डेटा के मानकीकरण की कमी और खराब गुणवत्ता AI को अपनाने में मुख्य बाधा है।
- मजबूत शासन (Governance): IIHMR यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. पी. आर. सोडानी ने AI के जिम्मेदार उपयोग के लिए एक मजबूत नियामक ढांचे की आवश्यकता बताई।
विशेषज्ञों का महाकुंभ
सम्मेलन में सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और स्टार्टअप जगत के प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया:
- संचालन: IIHMR की वरिष्ठ फैकल्टी डॉ. स्वप्निल गढ़वे, डॉ. पियूषा मजूमदार, डॉ. रितु वशिष्ठ, डॉ. विनोद कुमार और डॉ. काजल सितलानी ने विभिन्न सत्रों का नेतृत्व किया।
- समन्वय: IIHMR स्टार्टअप्स टीम के अभिषेक गुप्ता, कुशल पारेख और शिवम वर्मा ने कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में विशेष भूमिका निभाई।
आगामी विजन: राजस्थान AI/ML पॉलिसी 2026
यह कॉन्फ्रेंस हाल ही में राज्य सरकार द्वारा घोषित ‘राजस्थान AI/ML पॉलिसी 2026’ के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में एक कड़ी है। इसके माध्यम से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सटीक और सुलभ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
