अंत्योदय से आत्मनिर्भरता: राजस्थान में वंचित तबके को स्वरोजगार के लिए मिला करोड़ों का आर्थिक संबल

जयपुर,  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार वंचित वर्गों के आर्थिक उत्थान और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के अनुसूचित जाति, जनजाति, सफाई कर्मचारी और दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।

यहाँ इस पहल और इसके परिणामों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है:


अंत्योदय का संकल्प: 20 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत

राज्य सरकार ‘अंत्योदय’ की भावना (समाज के अंतिम व्यक्ति का उदय) के साथ कार्य कर रही है। राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 1,381 लाभार्थियों को लगभग 20 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया है।

लाभार्थियों का वर्गवार विवरण (2024-25)

श्रेणीलाभार्थी संख्यास्वीकृत ऋण राशि (करोड़ रुपये)
अनुसूचित जाति (SC)6717.52
अनुसूचित जनजाति (ST)3253.25
सफाई कर्मचारी1063.81
दिव्यांगजन510.58
कुल1,381~20.00

वित्तीय वर्ष 2025-26: आवेदन प्रक्रिया और आगामी कदम

नई ऊर्जा के साथ सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए भी लक्ष्यों को बढ़ाया है। इस वर्ष के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें जनता का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है।

  • लक्ष्य बनाम आवेदन: निर्धारित 3,470 ऋण लक्ष्यों के मुकाबले विभाग को कुल 15,635 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं।
  • चयन प्रक्रिया: जनवरी 2026 के दौरान जिला स्तरीय ऋण चयन समितियों द्वारा साक्षात्कार (Interviews) आयोजित किए जाएंगे।
  • पारदर्शी भुगतान: चयनित लाभार्थियों को ऋण राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी।

बैंकों के माध्यम से सहयोग और पीएम-अजय योजना

सरकार केवल अपने स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के साथ मिलकर भी युवाओं को संबल प्रदान कर रही है।

  • बैंक ऋण: अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत 3,400 के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 2,670 व्यक्तियों को बैंकों से ऋण स्वीकृत कराया जा चुका है।
  • पीएम-अजय (PM-AJAY) अनुदान: इस योजना के तहत प्रोजेक्ट लागत का 50% या अधिकतम 50 हजार रुपये (जो भी कम हो) का अनुदान दिया जाता है। वर्ष 2025-26 के लिए अब तक 452 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया जा चुका है।

“राज्य सरकार का उद्देश्य समाज के वंचित तबके को केवल लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें ‘रोजगार प्रदाता’ (Job Provider) के रूप में विकसित करना है।” — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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