बीकानेर: जिले के जसरासर क्षेत्र के कई गांवों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. यहां के किसानों के खेतों में फर्जी बंटाईदार खड़े करके रबी और खरीफ फसल खराबे के नाम पर करोड़ों रुपये की रकम का गबन कर लिया गया. इस गंभीर मामले को लेकर बुधवार को पीड़ित किसान एकजुट होकर बीकानेर SP मृदुल कच्छावा के पास पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी दी. इसके बाद जसरासर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसकी जांच एएसपी ग्रामीण बनवारीलाल मीना को सौंपी गई है.
कैसे हुआ घोटाले का खुलासा?
जसरासर तहसील के मेन्सर, बगसेसू, गजसुखदेसर, मूंदड़, भोम बिलनियासर, दूदावास, हनुमानपुरा आदि गांवों के 100 से ज्यादा किसानों को लंबे समय बाद इस धोखेबाजी का पता चला. जनवरी माह में जब कुछ किसानों को इस फर्जीवाड़े की भनक लगी तो उन्होंने छानबीन शुरू की. जांच में सामने आया कि हल्का पटवारी, बीमा कंपनी के कर्मचारियों, कृषि विभाग के कर्मचारियों, ई-मित्र और अन्य लोगों ने आपसी मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे. इन लोगों ने असली किसानों के खेतों में फर्जी बंटाईदार खड़े कर दिए और फसल बीमा योजना के तहत मिलने वाली खराबे की राशि उनके खातों में डलवाकर गबन कर ली.
चार प्रमुख उदाहरणों से समझें फर्जीवाड़ा:
- श्रवण प्रजापत (मेन्सर): इनके 1.61 बीघा खेत में फर्जी बंटाईदार बनकर फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2022 में 6.68 लाख रुपये उठा लिए गए.
- सुरजाराम कुम्हार व परिजन (आवलियासर/मेन्सर): इनके 85 बीघा 20 बीघा खेत हैं, जहां फर्जी बंटाईदार के नाम पर 3.44 लाख रुपये हासिल कर लिए गए.
- भीखनाथ व परिजन (बगसेसू): इनके 115 बीघा खेत पर फर्जी बंटाईदार के जरिए करीब 20 लाख रुपये का गबन किया गया.
- बंशीलाल व परिजन (मुंडेर भगवानपुरा): इनके 10.10 हेक्टेयर खेत पर फर्जी बंटाईदार बनाकर 4.83 लाख रुपये उठा लिए गए.
किसानों का आरोप और आगे की कार्रवाई
एसोसिएशन व SP ऑफिस पहुंचे किसानों का कहना है कि यदि निष्पक्ष और गहराई से जांच की जाए, तो और भी कई परतें खुलेंगी और भ्रष्टाचार का दायरा बहुत बड़ा निकलेगा. मामला सामने आने के बाद कुछ आरोपियों ने किसानों से संपर्क कर मामले को दबाने का प्रयास भी किया है. फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसपी ग्रामीण को सौंप दी है तथा किसानों ने उठाई गई रकम की सूची भी पुलिस को सौंप दी है.