खैरथल-तिजारा: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में एसीबी की अलवर प्रथम टीम ने खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर में एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए सहायक कलेक्टर (ACM) के संविदा चालक गजेन्द्र सिंह को 25,000 रुपए की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरी डील जमीन से जुड़े एक मामले में परिवादी के पक्ष में आदेश जारी करवाने के एवज में की गई थी।
जमीन बंटवारे के विवाद और कुरेजात रिपोर्ट का मामला
मिली जानकारी के अनुसार, परिवादी के चाचा की भूमि बंटवारे का प्रकरण मुंडावर एसीएम न्यायालय में विचाराधीन था। तहसीलदार द्वारा भेजी गई कुरेजात रिपोर्ट से असंतुष्ट होने के कारण परिवादी ने मौके के अनुसार नई रिपोर्ट मंगवाने के लिए 17 जुलाई को एक प्रार्थना पत्र दिया था। जब इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो परिवादी 14 अगस्त को एसीएम मनीष जाटव से मिला।
आरोप है कि एसीएम ने उसे अपने चालक गजेन्द्र सिंह से बात करने के लिए कहा। इसके बाद ड्राइवर गजेन्द्र सिंह ने पक्ष में आदेश जारी करने के एवज में 50,000 रुपए की रिश्वत की मांग की।
सत्यापन के दौरान पहले ही ऐंठे थे 15 हजार रुपए
एसीबी के सत्यापन के दौरान आरोपी गजेन्द्र ने एसीएम के नाम पर 50 हजार और अपने लिए 5 हजार रुपए मांगे तथा सत्यापन के समय ही परिवादी से 15,000 रुपए ले लिए थे। इसके बाद एसीबी डीएसपी शब्बीर खान के नेतृत्व में गठित टीम ने जाल बिछाया और आरोपी ड्राइवर गजेन्द्र सिंह को बकाया राशि में से 25,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। एसीबी अब इस मामले में आगे की गहन तफ्तीश कर रही है।