जयपुर:
राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसओजी ने संयुक्त कनिष्ठ अभियंता (JEN) भर्ती परीक्षा 2020 प्रकरण में संलिप्त एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। परीक्षा से पूर्व पेपर लीक करने और अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने वाले आरोपी अभिषेक खंडेलवाल को एसओजी की टीम ने दबोच लिया है। अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल के निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई है।
दूध सप्लाई की आड़ में जुड़ा था माफियाओं से
एसओजी की पूछताछ में सामने आया है कि मूल रूप से दौसा जिले के सैंथल थाना क्षेत्र के जसोता मेसरा गांव का रहने वाला अभिषेक खंडेलवाल हाल ही में जयपुर के पत्रकार कॉलोनी और मानसरोवर इलाके के न्यू सांगानेर रोड स्थित राजीव विहार कॉलोनी में चोरी-छिपे रह रहा था। अभिषेक जयपुर में विभिन्न कॉलोनियों में घर-घर जाकर दूध सप्लाई का कार्य करता था। इसी दौरान उसकी जान-पहचान शराब गोदामों के लोडिंग-अनलोडिंग के ठेके लेने वाले और भूपेंद्र सारण गैंग के सक्रिय सदस्य भीम सिंह यादव से हुई थी।
14 लाख रुपए में हुआ था पेपर का सौदा
जांच में खुलासा हुआ है कि भीम सिंह यादव के जरिए अभिषेक खंडेलवाल पेपर लीक गैंग के संपर्क में आया था। जेईएन भर्ती परीक्षा 2020 के पेपर लीक मामले में अभिषेक ने एजेंट की भूमिका निभाई थी। उसने भीम सिंह यादव के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को 14-14 लाख रुपए में लीक और सॉल्वड पेपर पढ़ाने का बड़ा सौदा किया था। इतना ही नहीं, आरोपी अभिषेक नहीं राजीव विहार कॉलोनी में अभ्यर्थियों को ठहराने और पढ़ाने के लिए भीम सिंह को किराए पर मकान भी दिलाया था।
एसओजी की लगातार दबिश जारी
गौरतलब है कि इस पेपर लीक गिरोह के मुख्य सरगना भीम सिंह यादव और भूपेंद्र सारण को एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल जेल में हैं। एसओजी अब अभिषेक खंडेलवाल से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों और अभ्यर्थियों के बारे में भी पुख्ता जानकारी जुटाई जा सके।