जयपुर। राजस्थान सरकार ने शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित तबादलों पर बड़ा फैसला लेते हुए करीब 5 हजार कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए हैं। इस व्यापक तबादला सूची में ग्रेड सेकेंड (सीनियर टीचर), लाइब्रेरियन और कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर सहित विभिन्न संवर्गों के कर्मचारी शामिल हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी इन आदेशों का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना तथा जहां स्टाफ की कमी है, वहां आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराना है।
नई सूची जारी होने के बाद हजारों कर्मचारियों को नई पोस्टिंग मिल गई है। विभाग ने सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित समयावधि में नए कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश भी दिए हैं।
लंबे समय से था तबादलों का इंतजार
राज्यभर के शिक्षक, लाइब्रेरियन और कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर लंबे समय से तबादला प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। कई कर्मचारी पारिवारिक, स्वास्थ्य और प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरण की मांग कर रहे थे। सरकार द्वारा ट्रांसफर बैन में छूट मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़े स्तर पर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करते हुए लगभग 5 हजार कर्मचारियों की सूची जारी की है।
इस निर्णय से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है जो वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत थे या अपने गृह जिले के निकट पदस्थापन चाहते थे।
किन-किन कर्मचारियों का हुआ स्थानांतरण?
जारी आदेशों के अनुसार स्थानांतरण सूची में प्रमुख रूप से निम्न संवर्ग शामिल हैं—
- ग्रेड सेकेंड (सीनियर टीचर)
- लाइब्रेरियन
- कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर
इनके अलावा विभागीय आवश्यकता के अनुसार विभिन्न जिलों और विद्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों को नई जगहों पर भेजा गया है।
यहां देखें पूरी ट्रांसफर लिस्ट
विद्यालयों में स्टाफ संतुलन पर रहेगा फोकस
शिक्षा विभाग का कहना है कि तबादलों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना है। कई स्कूलों में लंबे समय से स्टाफ की कमी बनी हुई थी, जबकि कुछ विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक कर्मचारी कार्यरत थे।
नई व्यवस्था के बाद ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
नए शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय
तबादलों का यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। विभाग चाहता है कि सभी विद्यालयों में समय रहते आवश्यक स्टाफ उपलब्ध हो, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
शिक्षा विभाग का मानना है कि समय पर स्टाफ उपलब्ध होने से शिक्षण कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
समय सीमा में जॉइनिंग के निर्देश
स्थानांतरण आदेश जारी होने के साथ ही संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने वर्तमान कार्यस्थल से कार्यमुक्त होकर नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें।
संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि स्थानांतरण आदेशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।
कर्मचारी आपत्ति या अभ्यावेदन भी दे सकेंगे
यदि किसी कर्मचारी को अपने स्थानांतरण को लेकर कोई प्रशासनिक या व्यक्तिगत आपत्ति है, तो वह विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकता है। विभाग ऐसे मामलों का नियमानुसार परीक्षण करेगा।
प्रदेशभर के शिक्षा तंत्र पर पड़ेगा असर
करीब 5 हजार कर्मचारियों के एक साथ हुए स्थानांतरण को शिक्षा विभाग का इस वर्ष का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्टाफ की उपलब्धता बेहतर होगी और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में यदि आवश्यकता हुई तो विभाग अन्य संवर्गों के कर्मचारियों के स्थानांतरण पर भी निर्णय ले सकता है।
