Expose Now Exclusive: ई-रिक्शा चालकों के लिए मुसीबत बना ‘BAT BMS’ ऐप, Expose Now की पड़ताल में IPS शांतनु कुमार ने दी बड़ी चेतावनी

जयपुर: देशभर में ई-रिक्शा चालकों के लिए एक नई और गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। मेहनत-मजदूरी कर अपना परिवार पालने वाले इन चालकों के ई-रिक्शा अचानक सड़क पर बंद हो जाते हैं, जिसके बाद कुछ असामाजिक तत्व उन्हें ठीक करने के नाम पर उनसे अवैध वसूली कर रहे हैं। ‘Expose Now’ की विशेष पड़ताल में सामने आया है कि यह सारा खेल ‘BAT BMS’ नामक ऐप के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है।

Expose Now ने प्रदेश के DIG साइबर क्राइम शांतनु कुमार से मामले में Exclusive बातचीत की। उन्होंने इस मामले पर खुलकर अपनी राय रखी साथ ही ऐसे ही एक और तरीके के बारे में बता सबको जागरुक भी किया।

DIG साइबर क्राइम शांतनु कुमार

Expose Now: सर, क्या आपको ‘BAT BMS’ ऐप के जरिए ई-रिक्शा हैक होने की जानकारी है? कुछ चालक कह रहे हैं कि यह ऐप चलते ई-रिक्शा को रोक देता है।

IPS शांतनु कुमार: नहीं, ई-रिक्शा को रोकने का जो ऐप अगर है कोई… तो वो तो एप्स तो सारे के सारे GPS जितने भी डिवाइसेज गाड़ियों में लगती हैं उन सब में होता है वो। जो गाड़ियों में जो GPS डिवाइस लगती है, तो उसके अंदर इंजन कट वाला एक फीचर होता है। उसके अंदर उसमें यह सुविधा होती है कि, ‘अगर आपको लगता है कि आपकी गाड़ी चोरी हो रही है, तो आप अपने मोबाइल पर उस बटन को दबा सकते हैं और गाड़ी का इंजन बंद हो जाएगा।’ तो, यह फीचर तो GPS डिवाइस में कई सालों से मौजूद है।

‘BAT BMS’ ऐप

Expose Now: क्या इसे साइबर फ्रॉड माना जा सकता है? लोग इससे बहुत परेशान हैं।

IPS शांतनु कुमार: नहीं, मुझे इसमें कोई संबंध नहीं दिखता, लेकिन कम से कम मेरे पास इस चीज़ का उपयोग करके कोई साइबर क्राइम या साइबर धोखाधड़ी करने की कोई शिकायत नहीं आई है।

Expose Now: तो मतलब यह अपराध में नहीं आता, आपको क्या लगता है?

IPS शांतनु कुमार: मैं ऐसा बिल्कुल नहीं कह सकता, मैं सिर्फ इतना कह रहा हूँ कि मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। मेरे कार्यालय को अब तक ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, और मुझे अब तक EV रिक्शा को रोकने और साइबर अपराध के बीच कोई संबंध नहीं दिखता क्योंकि मेरे पास न तो कोई शिकायत है और न ही कोई रिपोर्ट। मैं यह नहीं कह सकता कि यह अपराध है या नहीं, लेकिन अब तक…”

Expose Now: सर ,अगर यह अपराध है तो गलत है, अगर यह प्रैंक हो रहा है तो यह भी तो गलत है। आपका जनरल स्टेटमेंट।

IPS शांतनु कुमार: आप जो कुछ भी कह रहे हैं, मैं तो इसे पहली बार सुन रहा हूँ। जो बात मेरे दिमाग में आ रही है, मेरी जानकारी के अनुसार, मोबाइल कनेक्शन, मोबाइल नंबर और गाड़ी से जुड़ा मोबाइल डिवाइस जिसमें GPS लगा है, उसका उपयोग केवल GPS फीचर्स के अनुसार इंजन को बंद करके गाड़ी को रोकने के लिए किया जा सकता है। इसलिए, या तो आपको उस मोबाइल को हैक करना होगा और फिर उस विशिष्ट GPS ऐप का उपयोग करके इसे रोकना होगा। अन्यथा, मेरी जानकारी के अनुसार, कोई और ऐसा नहीं कर सकता।

Expose Now: यह अपराध है, तो क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है?

IPS शांतनु कुमार: अगर किसी का मोबाइल या डेटा हैक करके गाड़ी रोकी जा रही है, तो यह ‘डेटा चोरी’ (Data Theft) का मामला बनता है, जो IT एक्ट और BNS के तहत अपराध है। यदि आपके पास ऐसी कोई ठोस शिकायत या रिपोर्ट है, तो कृपया साझा करें, हम उस पर जरूर कार्रवाई करेंगे।

वहीं, मामले में Expose Now ने कानूनी विशेषज्ञों से बात कर, ऐसे मामले में क्या कहता है देश का कानून, ये जानने की कोशिश की। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर जेल की सजा और 5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है।

कानूनी विशेषज्ञों की राय (Expose Now Exclusive)
अधिवक्ता योगेश यादव: “BAT BMS करके एक ऐप है… तो ये इलीगल ही है। किसी को भी आप एज़ ए डिटेन तो नहीं कर सकते। अगर कोई कंप्लेंट करता है तो फिर कुछ ऑफेंस जो है वो पुलिस कर सकती है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 और 43 के तहत, इंटरनेट या तकनीकी उपकरणों का उपयोग करके कोई भी अपराध करते हो तो वो धारा 66 में ही आएगा। इसमें 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।”

अधिवक्ता शुभम कट्टा: “BNS के तहत धारा बनती है जिसमें Stalking का मामला बनता है और साथ ही Electricity Act 2003 के अंतर्गत भी किसी के भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ छेड़छाड़ यानी tampering करना अपराध की श्रेणी में आता है।”

क्या यह APP?

‘BAT-BMS’ (Battery Management System) असल में चीन की एक कंपनी द्वारा विकसित किया गया मोबाइल ऐप है। इसे ई-रिक्शा या किसी भी वाहन को “हैक” करने के लिए नहीं, बल्कि ब्लूटूथ-इनेबल लिथियम बैटरियों की निगरानी करने के लिए बनाया गया था।

इस ऐप के जरिए बैटरी का चार्ज लेवल, वोल्टेज, तापमान और हेल्थ जैसी तकनीकी जानकारियां देखी जा सकती हैं।

यह कैसे काम करता है? (वायरल होने का कारण)

किसके लिए बनाई गई है यह ऐप?

जैसा कि पहले बताया गया है, ‘BAT-BMS’ (Battery Management System) ऐप किसी ई-रिक्शा को बंद करने के लिए नहीं बनाया गया था। यह ऐप मूल रूप से ब्लूटूथ-इनेबल लिथियम बैटरियों की निगरानी और प्रबंधन करने के लिए विकसित किया गया था।

इसके मुख्य उद्देश्य

  • बैटरी की स्थिति देखना: इस ऐप का उपयोग बैटरी का चार्ज लेवल, वोल्टेज, तापमान और बैटरी की हेल्थ (Health) जैसी तकनीकी जानकारी देखने के लिए किया जाता है।
  • सुरक्षा और प्रदर्शन: यह ऐप यह सुनिश्चित करने के लिए है कि लिथियम बैटरी सुरक्षित रूप से काम कर रही है और उसे ओवरचार्जिंग या ओवरहीटिंग से बचाया जा सके।
  • सामान्य उपयोग: इसे इलेक्ट्रिक वाहनों (जैसे ई-रिक्शा) में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक लिथियम बैटरियों के बेहतर प्रबंधन के लिए बैटरी निर्माताओं द्वारा पेश किया गया था।

ध्यान दें: जो समस्या आजकल ई-रिक्शा चालकों को हो रही है, वह इस ऐप के दुरुपयोग का परिणाम है। कुछ लोग बैटरी के BMS सिस्टम की कम सुरक्षा (कमजोर पासवर्ड) का फायदा उठाकर उसे अनधिकृत रूप से एक्सेस कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए चालकों को अपने बैटरी सिस्टम पर मजबूत पासवर्ड सेट करना चाहिए।

क्या यह हर ई-रिक्शा पर लागू होता है?

नहीं, हर ई-रिक्शा पर ऐसा करना संभव नहीं है:

  • सभी बैटरी ऐसी नहीं हैं: यह सिर्फ उन ई-रिक्शा पर काम करता है जिनमें ‘ब्लूटूथ-इनेबल लिथियम बैटरी’ लगी होती है।
  • पुरानी तकनीक: अधिकांश ई-रिक्शा आज भी पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी का उपयोग करते हैं, जिनमें ब्लूटूथ की सुविधा नहीं होती।
  • सुरक्षित सिस्टम: कई कंपनियाँ अपने बैटरी सिस्टम के लिए अलग ऐप और मजबूत सुरक्षा (Encryption) का उपयोग करती हैं, जिसे इस तरह के सामान्य ऐप्स से एक्सेस नहीं किया जा सकता।

आप क्या सावधानी बरत सकते हैं?

  • पासवर्ड सेट करें: यदि आपकी ई-रिक्शा की बैटरी में ब्लूटूथ सुविधा है, तो उसके BMS का डिफ़ॉल्ट पासवर्ड बदलकर एक मजबूत पासवर्ड सेट करें।
  • अज्ञात कनेक्शन से बचें: सुनिश्चित करें कि आपकी बैटरी का ब्लूटूथ हमेशा ‘पेयरिंग मोड’ पर न खुला रहे।
  • तकनीकी जाँच: यदि आपका ई-रिक्शा बार-बार अचानक बंद हो रहा है, तो किसी अधिकृत सर्विस सेंटर पर जाकर अपनी बैटरी, कंट्रोलर और BMS की जाँच करवाएं।

ई-रिक्शा रिमोट शटडाउन ऐप्स पर सरकार सख्त:

Expose Now की पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि जन-सुविधा के लिए बने रिमोट शटडाउन ऐप्स का इस्तेमाल अब अपराधी ई-रिक्शा को बीच रास्ते में बंद कर ठगी करने के लिए कर रहे हैं। इस गंभीर मामले पर आईपीएस शांतनु कुमार ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार ने भी इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion जैसे ऐप्स को प्ले स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, यदि भविष्य में किसी अन्य ऐप का ऐसा दुरुपयोग पाया गया, तो उसे भी तुरंत ब्लॉक किया जाएगा।


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