फर्जीवाड़ा कर वनरक्षक बनी युवती को SOG ने किया गिरफ्तार, पुलिस सत्यापन में छिपाया था आपराधिक रिकॉर्ड

जयपुर: राजस्थान में सरकारी नौकरियों में डमी कैंडिडेट बैठाकर चयन होने का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने वनरक्षक भर्ती परीक्षा-2020 में डमी कैंडिडेट का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल करने वाली प्रमिला (29) को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवती फिलहाल सिरोही के जीरावल में वनरक्षक के पद पर तैनात थी।

कैसे हुआ खुलासा?

SOG एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी प्रमिला निवासी सांचौर, जालौर ने 13 नवंबर 2022 को आयोजित वनरक्षक भर्ती परीक्षा में खुद की जगह एक डमी कैंडिडेट को बैठाया था। डमी कैंडिडेट के माध्यम से परीक्षा पास करने के बाद प्रमिला का चयन वनरक्षक के पद पर हो गया। SOG द्वारा 2025 में दर्ज मामले की जांच के दौरान जब इस धोखाधड़ी का पता चला, तो टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

अपराधिक रिकॉर्ड छिपाकर ली नौकरी

चौंकाने वाली बात यह है कि प्रमिला का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। साल 2021 में रीट भर्ती परीक्षा के दौरान भी उसने डमी कैंडिडेट बैठाने की कोशिश की थी, लेकिन तब सिंधीकैंप थाना पुलिस ने उसे और उसके डमी कैंडिडेट को समय रहते पकड़ लिया था।

इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद प्रमिला ने यह जानकारी वनरक्षक की जॉइनिंग के समय छिपा ली। उसने पुलिस सत्यापन (Police Verification) में गलत जानकारी देते हुए यह तथ्य छिपाया और सांचौर पुलिस से सत्यापन बनवाकर वनरक्षक के पद पर कार्यभार संभाल लिया

SOG की पूछताछ जारी

आरोपी युवती से SOG की टीम गहन पूछताछ कर रही है। यह मामला राज्य में परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, SOG यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन से लोग या गैंग शामिल थे, जिन्होंने डमी कैंडिडेट को बैठाने में मदद की थी।


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