करौली। करौली स्थित पांचना बांध के पानी को लेकर दो समाजों और कमांड एरिया के किसानों के बीच बना गतिरोध लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को सरकार द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने करौली और सवाईमाधोपुर के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की। इस दौरान पांचना बांध संघर्ष समिति और कमांड एरिया के किसान नेताओं के साथ वन-टू-वन चर्चा भी की गई, लेकिन पानी निकासी को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।
उच्च स्तरीय अधिकारियों ने ली बैठक

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से पहुंचे सीनियर IAS कृष्ण कुणाल, ADG बीजू जार्ज जोसेफ, भरतपुर संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया और भरतपुर रेंज आईजी कैलाश चंद विश्नोई ने करौली में मोर्चा संभाला। बैठक में सवाईमाधोपुर कलेक्टर कानाराम, करौली कलेक्टर अक्षय गोदारा, सवाईमाधोपुर एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी और करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने कानून-व्यवस्था और अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा पेश किया।
पक्षों के बीच क्या रही स्थिति?
- कमांड एरिया के किसान: इनका तर्क है कि राजस्थान उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के अनुसार नहरों में पानी छोड़ा जाए। वे लंबे समय से पानी की मांग कर रहे हैं और खंडीप में धरने पर बैठे हैं।
- पांचना बांध संघर्ष समिति: समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाबाई ने साफ किया कि जब तक बांध की लिफ्ट परियोजना का अधूरा काम पूरा नहीं होता, तब तक जल निकासी संभव नहीं है। उनका तर्क है कि बांध क्षेत्र के गांवों को भी सिंचाई के लिए पानी का अधिकार है।
अधिकारियों का रुख और आश्वासन
जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने बताया कि बैठक सकारात्मक रही, लेकिन कुछ तकनीकी और व्यावहारिक मुद्दों पर दोनों पक्षों की राय अलग-अलग है। फिलहाल, अधिकारियों ने पांचना बांध की लिफ्ट परियोजना के अधूरे काम को 15 सितंबर तक धरातल पर लाने का आश्वासन दिया है। दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण माहौल में वार्ता की है और अब बुधवार शाम को एक बार फिर से संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी ताकि किसी अंतिम निर्णय पर पहुंचा जा सके।
उधर, कमांड एरिया के पदाधिकारी रघुवीर सिंह ने बताया कि वे अपने आंदोलनस्थल पर जाकर समिति के लोगों के साथ बैठक के परिणामों पर चर्चा करेंगे और बुधवार की बैठक की तैयारी करेंगे।