धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर नगर परिषद से भ्रष्टाचार का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त और वर्तमान एक्सईएन गुमान सिंह सैनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में वे एक ठेकेदार के सुपरवाइजर हेमंत से 40,000 रुपए की रिश्वत लेते और गिनते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कमीशन पर मोलभाव का वीडियो
वायरल वीडियो में रिश्वत देने वाला सुपरवाइजर हेमंत कथित तौर पर कार्यवाहक आयुक्त से कमीशन की दर को लेकर बातचीत कर रहा है। इसमें वह 2 प्रतिशत के बजाय ढाई प्रतिशत कमीशन देने की बात कह रहा है। वीडियो में आयुक्त गुमान सिंह सैनी बड़ी ही सहजता से नोटों की गड्डी लेते और गिनते नजर आ रहे हैं।

आयुक्त ने दी सफाई, एसपी को दी शिकायत
वीडियो वायरल होने के बाद घिरे कार्यवाहक आयुक्त गुमान सिंह सैनी ने इसे पूरी तरह से ‘साजिश’ बताया है। उन्होंने अपना बचाव करते हुए दावा किया कि चूरू का एक ठेकेदार उन पर फर्जी बिल पास करने का अनुचित दबाव बना रहा था। सैनी का कहना है कि इसी दबाव में आकर ठेकेदार ने यह वीडियो बनाया है। इस मामले में उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायत देकर जांच की मांग की है।
इतिहास रहा है दागदार
धौलपुर नगर परिषद में रिश्वतखोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 11 सितंबर 2025 को धौलपुर नगर परिषद में एसीबी (ACB) की एक बड़ी कार्रवाई हुई थी, जिसमें एईएन प्रिया झा, कैशियर भरत, ड्राइवर देवेंद्र, यूडीसी नीरज और संविदाकर्मी हरेंद्र को 3.10 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। उस समय तत्कालीन आयुक्त अशोक शर्मा की भूमिका भी संदिग्ध मिली थी, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

जनता का आक्रोश और बदहाली
एक ओर नगर परिषद के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, तो दूसरी ओर शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। शहर में गंदगी के ढेर और सीवरेज का पानी लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया क्रिएटर्स का आरोप है कि नगर परिषद का पूरा तंत्र केवल चहेते ठेकेदारों के बिल पास करने और कमीशनखोरी में लिप्त है। अब देखना यह होगा कि इस नए वीडियो के सामने आने के बाद सरकार क्या ठोस कार्रवाई करती है।