महेश जोशी की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट का नोटिस: बेटे रोहित जोशी ने गिरफ्तारी को दी चुनौती, 10 जून तक माँगा गया जवाब

जयपुर: 979.27 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले से जुड़े टेंडर फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री महेश जोशी की मुश्किलें और कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। उनके बेटे रोहित जोशी ने महेश जोशी की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) होम और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक (DG) से 10 जून तक जवाब तलब किया है।

क्या है याचिका में दावा?

एक्टिंग चीफ जस्टिस (सीजे) एसपी शर्मा और जस्टिस बीएस संधू की खंडपीठ ने यह निर्देश रोहित जोशी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

याचिकाकर्ता रोहित जोशी का तर्क है कि:

  • एसीबी ने 7 मई को महेश जोशी को गिरफ्तार किया था, लेकिन गिरफ्तारी के समय उनके परिजनों को इसके कारण लिखित में नहीं दिए गए।
  • ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ के प्रावधानों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के समय कारणों की जानकारी परिजनों को लिखित रूप में देना अनिवार्य है।
  • लिखित में जानकारी न देने के कारण यह गिरफ्तारी पूरी तरह से अवैध है, जिसके चलते पुलिस रिमांड और उसके बाद की गई सभी कार्रवाइयां भी दूषित हो जाती हैं। याचिका में पूर्व मंत्री को तुरंत रिहा करने की मांग की गई है।

JJM घोटाले का पूरा बैकग्राउंड

जल जीवन मिशन में टेंडर घोटाले को लेकर एसीबी ने 7 मई की अल सुबह पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार किया था। कुछ दिन पुलिस रिमांड पर रहने के बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। इससे पहले इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जोशी को गिरफ्तार कर चुका था, जिसमें उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

यह पूरा मामला 2021 का है, जहां ‘श्री श्याम ट्यूबवैल’ और ‘श्री गणपति ट्यूबवैल’ फर्म के संचालकों ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर जेजेएम के तहत करोड़ों रुपए के टेंडर हासिल किए थे। घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद एसीबी और बाद में ईडी ने भी इस मामले में जांच शुरू की थी।

सुबोध अग्रवाल और अन्य आरोपियों की जमानत पर अपडेट

इसी घोटाले से जुड़े एक अन्य बड़े घटनाक्रम में, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के पूर्व एसीएस सुबोध अग्रवाल की जमानत अर्जी पर एसीबी मामलों की विशेष कोर्ट में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है। कोर्ट शुक्रवार को इस पर अपना फैसला सुनाएगा।

वहीं, मामले के अन्य आरोपियों— शुभांशु दीक्षित, निरील कुमार, सुशील कुमार, दिनेश गोयल और अरुण श्रीवास्तव— की जमानत याचिकाओं पर हाईकोर्ट में भी बहस पूरी हो चुकी है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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