चूरू में भ्रष्टाचार पर ACB का एक्शन: इंतकाल के नाम पर 7 हजार की रिश्वत मांगने वाले पटवारी पर FIR दर्ज

चूरू: राजस्थान के चूरू जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए एक पटवारी पर मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई जमीन के नामान्तरण (इंतकाल) के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में की गई है। आरोपी पटवारी ने परिवादी से पहले ही कुछ रकम ऐंठ ली थी और काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त रिश्वत की मांग कर रहा था।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम गुगलवा के रहने वाले अविनाश सिंह ने 20 अप्रैल 2026 को एसीबी कार्यालय झुंझुनूं में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

  • परिवादी के अनुसार, उनके दादाजी के नाम की कृषि भूमि (खसरा नंबर 40, 43, 45, 56) का इंतकाल उनके नाम पर किया जाना था।
  • इस कार्य के लिए वह हमीरवास के हल्का पटवारी पवन कुमार से मिले थे।
  • आरोपी पटवारी ने इस काम के एवज में परिवादी से 2000 रुपये पहले ही ले लिए थे और 8000 रुपये की अतिरिक्त रिश्वत की मांग कर रहा था।

एसीबी का सत्यापन और ट्रैप की योजना

शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 अप्रैल 2026 को डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर के जरिए रिश्वत की मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान पटवारी पवन कुमार ने मोलभाव के बाद 7000 रुपये की रिश्वत लेना तय किया।

इसके बाद, 23 अप्रैल 2026 को एसीबी टीम ने राजगढ़ स्थित पटवार भवन में ट्रैप (रंगे हाथों पकड़ने) की योजना बनाई। हालांकि, पटवारी अपनी सीट पर मौजूद नहीं था और बाद में उसने कार्यालय पर ताला लगा दिया, जिसके कारण ट्रैप की यह कार्रवाई सफल नहीं हो सकी।

पटवारी को हुआ शक, मोबाइल किया बंद

कुछ दिनों बाद, 30 अप्रैल 2026 को परिवादी अविनाश सिंह ने एसीबी को सूचित किया कि पटवारी पवन कुमार को इस कार्रवाई का शक हो गया है। आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया है, जिससे अब उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ना असंभव हो गया है।

वॉयस रिकॉर्डिंग के आधार पर FIR दर्ज

भले ही पटवारी रंगे हाथों नहीं पकड़ा जा सका, लेकिन एसीबी के पास डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर में रिश्वत की मांग की स्पष्ट पुष्टि थी। इसी ठोस सबूत के आधार पर, एसीबी ने 8 जून 2026 को आरोपी पटवारी पवन कुमार (निवासी सुलखनिया छोटा) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्राथमिकी (FIR No. 0153) दर्ज कर ली है। इस प्रकरण की अग्रिम जांच का जिम्मा सीकर के पुलिस निरीक्षक सुभाष मील को सौंप दिया गया है, जो अब मामले की विस्तृत छानबीन करेंगे।

पढ़े पूरी FIR…

Share This Article
Leave a Comment