झुंझुनू। राजस्थान के झुंझुनू जिले में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान खनन माफियाओं का दुस्साहसपूर्ण और खतरनाक चेहरा सामने आया है। कालोटा क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान खनन माफियाओं ने सरकारी टीम पर हमला कर दिया। आरोपियों ने न केवल वन विभाग की सरकारी बोलेरो को जोरदार टक्कर मारी, बल्कि ड्यूटी पर तैनात सहायक वन संरक्षक (ACF) पर भी जानलेवा हमला किया। हालांकि वन विभाग और पुलिस की तत्परता से बड़ी घटना टल गई और छह ट्रैक्टर-टॉलियां जब्त कर ली गईं।
गुप्त सूचना पर पहुंची थी टीम
वन विभाग की डीएफओ काव्या बी. के अनुसार विभाग के फ्लाइंग स्क्वायड और उदयपुरवाटी पुलिस की संयुक्त टीम को कालोटा क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम रसूलपुर से खेवा की ढाणी की ओर रवाना हुई। इसी दौरान सामने से अवैध पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-टॉली आती दिखाई दी।
जब टीम ने चालक को रुकने का संकेत दिया तो उसने वाहन रोकने के बजाय तेज गति से भागने का प्रयास किया। इसके बाद टीम ने ट्रैक्टर का पीछा शुरू किया।
ACF पर हमला, सरकारी वाहन का शीशा तोड़ा
पीछा करने के दौरान खनन माफियाओं ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए सरकारी टीम पर हमला कर दिया। आरोप है कि खेवा निवासी मनीष पुत्र प्रह्लाद फागणा ने सरकारी बोलेरो के आगे बैठे ACF हरेंद्र भाकर पर हमला कर दिया। हमले में बोलेरो का आगे का शीशा पूरी तरह टूट गया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह हमला सरकारी कार्रवाई को बाधित करने और अधिकारियों को डराने के उद्देश्य से किया गया था।
बोलेरो को मारी टक्कर, बाल-बाल बची टीम
घटना यहीं नहीं रुकी। ट्रैक्टर चालक ने जानबूझकर सरकारी बोलेरो को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि ट्रॉली का हिस्सा सीधे बोलेरो के बोनट पर चढ़ गया। टक्कर से सरकारी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि समय रहते वाहन नियंत्रित नहीं किया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जवाबी कार्रवाई में छह ट्रैक्टर-टॉलियां जब्त
हमले के बावजूद वन विभाग और पुलिस टीम ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए क्षेत्र की घेराबंदी कर आरोपियों को काबू में कर लिया। बाद में ट्रॉलियों में भरे पत्थरों को खाली करवाकर वाहनों को सीधा किया गया।
कार्रवाई के दौरान कुल छह ट्रैक्टर-टॉलियां जब्त की गईं, जिनका उपयोग अवैध खनन और खनिज परिवहन में किया जा रहा था।
लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
डीएफओ काव्या बी. ने बताया कि कालोटा क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद विभाग ने यह विशेष और गुप्त अभियान चलाया था।
उन्होंने बताया कि सहायक वन संरक्षक कमलचंद और ACF हरेंद्र भाकर ने पूरी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद बबाई थाना पुलिस ने सहायक वन संरक्षक कमलचंद की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक कालूराम और हमलावर मनीष फागणा को नामजद किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में अवैध खनन का नेटवर्क कितना मजबूत और बेखौफ हो चुका है, जहां सरकारी कार्रवाई करने पहुंची टीमों पर भी हमले किए जा रहे हैं।