जयपुर। देशभर में हाल ही में हुए नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और परीक्षाओं में होने वाली धांधली से कड़ा सबक लेते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है. आयोग द्वारा उप-निरीक्षक (SI) भर्ती-2021 की पुनः परीक्षा (Re-Exam) को पूरी तरह से पारदर्शी, नकलविहीन और डमी कैंडिडेट मुक्त बनाने के लिए अभूतपूर्व विधिक व प्रशासनिक चक्रव्यूह तैयार किया गया है. आरपीएससी ने इस बार परीक्षा संचालन व्यवस्था में ऐसे 8 ऐतिहासिक और बेहद सख्त बदलाव किए हैं, जो नकल माफियाओं और फर्जी अभ्यर्थियों के मंसूबों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर देंगे. चूंकि ये नियम पहली बार इस कड़ाई से लागू किए जा रहे हैं, इसलिए परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले हर एक अभ्यर्थी के लिए इन नए विधिक दिशा-निर्देशों को बारीकी से समझना अनिवार्य है.
7 सुरक्षा घेरों से गुजरकर सेंटर्स तक पहुंचेगा आपका पेपर
अतीत की कमियों और सेंधमारी की घटनाओं को देखते हुए आरपीएससी ने इस बार प्रश्न पत्रों के परिवहन (Transportation) के लिए ‘मल्टी-लेयर सिक्योरिटी’ (बहु-स्तरीय सुरक्षा) का खाका खींचा है. अब प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने से महज आधा घंटा पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचेंगे. ये पेपर एक विशेष विधिक सील पैकिंग के बाद ऐसे मजबूत मेटल बॉक्सों में बंद होंगे, जिनमें अत्याधुनिक डिजिटल लॉक लगे होंगे. सबसे खास बात यह है कि इन डिजिटल बॉक्सों को परीक्षा केंद्र पर खोलने से लेकर प्रश्न पत्रों के वितरण (Distribution) तक की प्रत्येक सेकंड की गतिविधि की मुस्तैदी से लाइव वीडियोग्राफी और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की जाएगी.
डमी कैंडिडेट्स पर प्रहार: ये हैं आरपीएससी के 8 बड़े सुरक्षा बदलाव:
- एक घंटे पहले गेटबंदी: परीक्षा केंद्र पर किसी भी तरह की बाहरी दखलंदाजी या अंतिम समय की अफरातफरी को रोकने के लिए एंट्री का समय बदला गया है. तय समय से ठीक 1 घंटा पहले केंद्र के मुख्य द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे. इसके बाद किसी भी परिस्थिति में किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा और गेट बंद होने के बाद ही पेपर केंद्र के भीतर लाए जाएंगे.
- लाइव फोटो से असली पहचान: परीक्षा हॉल में दूसरों की जगह बैठने वाले ‘मुन्नाभाइयों’ (Dummy Candidates) को पकड़ने के लिए आयोग वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) के समय रिकॉर्ड की गई लाइव फोटो का डिजिटल इस्तेमाल करेगा. परीक्षा के दौरान ली जाने वाली लाइव वीडियो और पुरानी ओटीआर फोटो का सॉफ्टवेयर के जरिए मिलान करके ही अभ्यर्थी की पहचान विधिक रूप से पुख्ता की जाएगी.
- हैंडराइटिंग बनेगी अकाट्य सबूत: परीक्षा हॉल के भीतर इस बार हर उम्मीदवार से एक निर्धारित वाक्य (Paragraph) अपनी सामान्य लिखावट में लिखवाया जाएगा. अभ्यर्थियों के इस लिखावट के नमूने को आयोग अपने डिजिटल रिकॉर्ड में स्थायी रूप से सुरक्षित रखेगा. यदि भविष्य में चयन प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर अभ्यर्थी पर कोई विधिक संदेह होता है, तो फॉरेंसिक लैब से उसकी हैंडराइटिंग का मिलान कराया जा सके.
- डिजिटली सिक्योर एडमिट कार्ड: अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र अब साधारण कागज न होकर पूरी तरह से डिजिटली सुरक्षित होंगे. इन पर विशेष क्यूआर (QR) कोड और छुपा हुआ वॉटरमार्क दर्ज होगा. परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर इस क्यूआर कोड को स्कैनर से स्कैन करते ही उम्मीदवार का पूरा प्रशासनिक और विधिक डेटा सुरक्षा अधिकारियों के सामने आ जाएगा.
- OMR शीट में 5वां गोला अनिवार्य: निगेटिव मार्किंग से बचने के लिए सवालों को खाली छोड़ देने की छूट अब पूरी तरह समाप्त कर दी गई है. ओएमआर शीट में अब 4 के स्थान पर 5 विकल्प (A, B, C, D और E) दिए जाएंगे. यदि अभ्यर्थी किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से 5वां गोला (विकल्प ‘E’) काला करना ही होगा. ऐसा न करने पर अंक काटे जाने का प्रावधान है.
- अटेंडेंस शीट का आधुनिकीकरण: परीक्षा केंद्र पर उपस्थिति दर्ज कराने वाले फॉर्म (Attendance Sheet) को भी पूरी तरह अपग्रेड किया गया है. अब उस पर उम्मीदवार की पहले से काफी बड़े आकार की फोटो मुद्रित होगी, ताकि चेहरे का मिलान आसानी से हो सके. साथ ही, परीक्षा हॉल में अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट भी अनिवार्य रूप से लिए जाएंगे.
- इंटरव्यू बोर्ड का नाम रहेगा ‘टॉप सीक्रेट’: मुख्य परीक्षा के बाद होने वाले साक्षात्कार (Interview) में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक विशेष टोकन सिस्टम लागू किया जा रहा है. इसके तहत साक्षात्कार कक्ष में प्रवेश करने से ठीक पहले तक किसी भी अभ्यर्थी या अधिकारी को यह मालूम नहीं होगा कि किस उम्मीदवार का इंटरव्यू कौन सा बोर्ड लेने जा रहा है.
कड़े नियमों का खौफ? आधे से ज्यादा अभ्यर्थियों ने परीक्षा से खींचे हाथ
आरपीएससी द्वारा लागू की गई इस अभूतपूर्व और कड़क प्रशासनिक व्यवस्था के बीच एक बेहद चौंकाने वाला सांख्यिकीय आंकड़ा भी सामने आया है, जो यह दर्शाता है कि प्रशासनिक सख्ती का डर परीक्षा पर साफ दिख रहा है:
- पहली परीक्षा की उपस्थिति: जब एसआई भर्ती-2021 की मूल परीक्षा आयोजित हुई थी, तब उसमें 3 लाख 83 हजार से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे.
- री-एग्जाम का वर्तमान आवेदन: पूर्व की परीक्षा निरस्त होने के बाद जब आरपीएससी ने अभ्यर्थियों से पुनः आवेदन और डेटा अपडेट करने को कहा, तो केवल 1 लाख 53 हजार लोगों ने ही दोबारा परीक्षा देने की विधिक इच्छा जताई है.
- एक दिन में होगी परीक्षा: चूंकि अब परीक्षार्थियों की संख्या पहले के मुकाबले आधे से भी कम (लगभग 40 प्रतिशत) रह गई है, इसलिए आयोग अब इस पूरी परीक्षा को अलग-अलग पारियों और दिनों में खींचने के बजाय मात्र एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में सफलतापूर्वक संपन्न कराने की तैयारी में जुट गया है.
कुल 859 रिक्त पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही यह पुनः परीक्षा इन नए और कड़े सुरक्षा मानकों के कारण राजस्थान के प्रशासनिक इतिहास की अब तक की सबसे कड़ी निगरानी वाली भर्ती परीक्षा बनने जा रही है.