जयपुर: राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) और लाडो प्रोत्साहन योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुँचना सुनिश्चित किया जाए।
राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल
समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के सफल क्रियान्वयन में राजस्थान ने देश के शीर्ष तीन राज्यों में अपनी जगह बनाई है।
- लाभार्थी: अप्रैल से दिसंबर तक की अवधि में राज्य की 11,85,548 महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं।
- उद्देश्य: सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण और आर्थिक सहायता प्रदान करना।
लाडो प्रोत्साहन योजना: बालिकाओं के भविष्य के लिए ₹1.5 लाख की सहायता
मुख्य सचिव ने बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ पर भी चर्चा की। इस योजना के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक कुल 7 किस्तों में 1.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।
पारदर्शिता के लिए एआई (AI) और पोर्टल इंटीग्रेशन का निर्देश
मुख्य सचिव ने प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:
- पोर्टल इंटीग्रेशन: स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के पोर्टलों को आपस में जोड़कर एक इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड तैयार किया जाए।
- AI का उपयोग: गलत भुगतान और अयोग्य आवेदनों को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए।
- रियल टाइम मॉनिटरिंग: योजनाओं की प्रगति की निगरानी के लिए OJAS पोर्टल के डैशबोर्ड को नियमित अपडेट करने को कहा।
- सफलता की कहानियाँ: लाभार्थियों की ‘सक्सेस स्टोरीज’ को प्रकाशित और प्रसारित किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा, शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव कृष्ण कुणाल और एनएचएम (NHM) निदेशक डॉ. अमित यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
