जयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के खास मौके पर गुलाबी नगरी जयपुर के नाहरगढ़ फोर्ट से पर्यावरण संरक्षण की एक बेहद खूबसूरत और प्रेरणादायी कहानी सामने आई है। जयपुर स्थित नाहरगढ़ फोर्ट के वैक्स म्यूजियम में आज से ठीक एक दशक (10 साल) पहले बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के नाम पर लगाया गया एक छोटा सा बरगद का पौधा आज 25 फीट का गगनचुंबी और विशालकाय ‘अमित वृक्ष’ बन चुका है।
राजस्थान में पड़ रही इस रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी के बीच, यह विशाल बरगद का पेड़ नाहरगढ़ फोर्ट और वैक्स म्यूजियम घूमने आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए ठंडी छांव, ताजी ऑक्सीजन और सुकून देने वाली ‘लाइफलाइन’ साबित हो रहा है।
200 साल पुराने पेड़ की छांव से मिली मुहिम की प्रेरणा
जयपुर वैक्स म्यूजियम के फाउंडर अनूप श्रीवास्तव ने इस अनूठी और हरी-भरी मुहिम के पीछे की एक बेहद भावुक कहानी साझा की।
- ऐतिहासिक पेड़ का योगदान: अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि जब इस ऐतिहासिक किले में वैक्स म्यूजियम का निर्माण कार्य चल रहा था, तब यहां एक 200 साल पुराना बरगद का ऐतिहासिक पेड़ हुआ करता था। लगभग 9 महीने तक म्यूजियम की पूरी टीम ने उसी पेड़ की ठंडी छांव में बैठकर पूरे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा।
- एक विचार ने बदली तस्वीर: श्रीवास्तव के अनुसार, “तभी हमारे मन में ख्याल आया कि किसी अजनबी ने 200 साल पहले एक पौधा रोपा था, जिसकी छांव में बैठकर आज हम अपना और इस जगह का भविष्य बना रहे हैं। बस इसी एक विचार ने हमें नाहरगढ़ को हरा-भरा करने की प्रेरणा दी।”
एक दशक पहले नाहरगढ़ की पहाड़ियों पर हरियाली नाममात्र की थी, लेकिन म्यूजियम प्रशासन ने यहां स्थापित होने वाले वैक्स स्टैच्यूज (पुतलों) को समर्पित करते हुए लगातार वृक्षारोपण किया, जो आज इस पूरे वीरान क्षेत्र को नंदनवन में बदल चुके हैं।
कलाम, सचिन और राजमाता के नाम पर लगे 5 नए पौधे
इस मुहिम को निरंतर आगे बढ़ाते हुए आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वैक्स म्यूजियम परिसर में 5 नए पौधे रोपे गए हैं। ये पौधे देश की उन महान शख्सियतों के नाम पर लगाए गए हैं, जिनके स्टैचू म्यूजियम की शोभा बढ़ाते हैं। जिन हस्तियों के नाम पर पौधे लगाए गए हैं, वे इस प्रकार हैं:
- मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम
- क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर
- जयपुर की पूर्व राजमाता गायत्री देवी
- महानायक अमिताभ बच्चन (एक और स्मृति पौधा)
“सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, उन्हें बड़ा करना असली जिम्मेदारी”
ग्लोबल वार्मिंग और मौसम के बदलते मिजाज पर गंभीर चिंता जताते हुए अनूप श्रीवास्तव ने आमजन से एक बेहद जरूरी अपील की।
उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र उद्देश्य केवल पर्यावरण दिवस पर फोटो खिंचवाने के लिए पेड़ लगाना नहीं होना चाहिए, बल्कि उन पौधों को पानी देकर बचाना और उन्हें एक पेड़ के रूप में बड़ा करना होना चाहिए। अगर हम आज नहीं संभले तो ग्लोबल वार्मिंग का जो भीषण रूप हम आज देख रहे हैं, वह आने वाले समय में मानव सभ्यता के लिए और अधिक विकराल रूप ले लेगा। ये पेड़ जो हमें चौबीसों घंटे मुफ्त में ऑक्सीजन दे रहे हैं, वे साक्षात ईश्वर की अनमोल सौगात हैं और इन्हें संभालना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
