लाडो प्रोत्साहन योजना की संशोधित SOP जारी: 1 जुलाई से शाला दर्पण पोर्टल से ऑनलाइन मिलेंगी किश्तें

राजस्थान सरकार ने प्रदेश की बालिकाओं के समग्र विकास और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने वाली महत्वकांक्षी ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने इस योजना को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने के उद्देश्य से एक संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। नए आदेशों के अनुसार, अब योजना के तहत देय द्वितीय और आगामी किश्तों का भुगतान सीधे ‘शाला दर्पण पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा।

शिक्षा निदेशालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह नई व्यवस्था 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी।

डीईओ के माध्यम से होगी प्रविष्टि

संशोधित एसओपी के तहत जिम्मेदारियों का भी स्पष्ट विभाजन किया गया है:

  • निजी विद्यालय: माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले निजी विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र बालिकाओं की योजनागत प्रविष्टि डीईओ (माध्यमिक) के माध्यम से की जाएगी।
  • प्रारंभिक विद्यालय: प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले विद्यालयों की प्रविष्टि जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

डीबीटी से सीधे खाते में आएगी राशि

इस योजना के तहत गरीब परिवारों में जन्मी बालिकाओं को जन्म से लेकर शिक्षा तक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। नई व्यवस्था के तहत बालिका के जन्म पर 1.50 लाख रुपए का संकल्प पत्र प्रदान किया जाएगा। यह कुल राशि सात अलग-अलग किश्तों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए ऑनलाइन ट्रांसफर होगी।

  • शुरुआती 6 किश्तें: बालिका के माता-पिता या अभिभावक के बैंक खाते में जमा की जाएंगी।
  • अंतिम और 7वीं किश्त: बालिका के वयस्क (21 वर्ष) होने पर सीधे उसके स्वयं के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।

क्या है लाडो प्रोत्साहन योजना?

लाडो प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार की एक प्रमुख फ्लैगशिप योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के जन्म से लेकर उनके स्नातक होने तक स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। साथ ही, यह योजना बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने और बीच में स्कूल छोड़ने (ड्रॉपआउट) की दर को कम करने के लिए एक मजबूत कदम है।

किश्तों का विवरण (एकमुश्त लाभ 1.50 लाख रुपए)

योजना के तहत मिलने वाली 1,50,000 रुपए की राशि का चरणबद्ध विवरण इस प्रकार है:

चरणलाभ मिलने का समयदेय राशि (रुपए में)
पहली किश्तजन्म पर (संस्थागत प्रसव होने पर)2,500
दूसरी किश्त1 वर्ष पूरा होने और पूर्ण टीकाकरण पर2,500
तीसरी किश्तकक्षा 1 में प्रवेश लेने पर4,000
चौथी किश्तकक्षा 6 में प्रवेश लेने पर5,000
पांचवीं किश्तकक्षा 10 में प्रवेश लेने पर11,000
छठी किश्तकक्षा 12 में प्रवेश लेने पर25,000
सातवीं किश्तस्नातक पूरा करने और 21 वर्ष की आयु पर1,00,000

पात्रता, शर्तें और आवश्यक दस्तावेज

प्रमुख शर्तें:

  • आवेदक परिवार का राजस्थान राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
  • योजना का लाभ केवल उन्हीं बालिकाओं को मिलेगा, जिनका जन्म किसी सरकारी या सरकार द्वारा अधिकृत अस्पताल में हुआ हो।
  • यह आर्थिक सहायता परिवार की प्रथम दो जीवित संतानों तक ही सीमित रहेगी।

जरूरी दस्तावेज:

योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास जन आधार कार्ड, आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, बालिका का जन्म प्रमाण पत्र और संबंधित बैंक खाते की पासबुक होना अनिवार्य है।

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