जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता जांचने मैदान में उतरी संयुक्त टीम

जयपुर। राजधानी जयपुर के ग्रामीण इलाकों में लोगों को शुद्ध और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘जल जीवन मिशन’ (JJM) के कार्यों की अब जमीनी स्तर पर सघन जांच की जा रही है। जिला कलक्टर संदेश नायक के सख्त निर्देशों के बाद, जिले में निर्धारित मानकों के आधार पर चयनित ग्रामों में एक विशेष संयुक्त दल द्वारा इन कार्यों का गहन निरीक्षण किया जा रहा है।

इस संयुक्त दल में जिला प्रशासन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED), क्षेत्रीय सांसद, विधायक तथा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि शामिल हैं, जो सीधे फील्ड में जाकर योजना की हकीकत परख रहे हैं।

क्या-क्या जांची जा रही है हकीकत?

संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा फील्ड में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है:

  • पेयजल योजनाओं की वर्तमान प्रगति और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता।
  • घरों में दिए गए घरेलू नल कनेक्शनों की वास्तविक स्थिति।
  • जलापूर्ति (Water Supply) की गुणवत्ता और पानी आने की नियमितता।
  • आमजन को इस योजना से मिल रहे वास्तविक लाभ का फीडबैक।

इसके अलावा, निरीक्षण दल ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी पेयजल संबंधी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं की जानकारी भी जुटा रहा है।

40 में से 23 जल योजनाओं का निरीक्षण पूरा

जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न ब्लॉकों की कुल 40 जल योजनाओं का निरीक्षण किया जाना प्रस्तावित है।

  • शामिल ब्लॉक: इनमें झोटवाड़ा, जोबनेर, आमेर, गोविंदगढ़, सांभर, किशनगढ़-रेनवाल, फागी, सांगानेर, चाकसू, बस्सी, जालसू, आंधी, जमवारामगढ़, मौजमाबाद, दूदू, कोटखावदा, तुंगा, माधोराजपुरा और शाहपुरा शामिल हैं।
  • प्रगति रिपोर्ट: 03 जून 2026 तक इनमें से 23 जल योजनाओं का निरीक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। शेष 17 योजनाओं का निरीक्षण आगामी दिनों में जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

तैयार होगा ‘डिस्ट्रिक्ट इम्प्रूवमेंट प्लान’

संयुक्त निरीक्षण दल ने विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर कार्यों की गुणवत्ता की बारीकी से समीक्षा की। जहां भी कार्य में खामियां या सुस्ती पाई गई, वहां संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कार्यवाही करने के सख्त निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस निरीक्षण के दौरान फील्ड स्तर पर जो भी कमियां (Gaps) चिन्हित की गई हैं और ग्रामीणों से जो सुझाव प्राप्त हुए हैं, उनके आधार पर एक ‘डिस्ट्रिक्ट इम्प्रूवमेंट प्लान’ (District Improvement Plan) तैयार किया जाएगा। इस प्लान का मुख्य उद्देश्य जल जीवन मिशन के तहत दी जा रही सेवाओं को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और जनहितकारी बनाना है।

सतत मॉनिटरिंग जारी रहेगी: कलक्टर

जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया है कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के निरीक्षण और समीक्षा अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। प्राप्त सुझावों और पहचानी गई कमियों के आधार पर सुधारात्मक कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।

कलक्टर संदेश नायक ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल जीवन मिशन के मूल उद्देश्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिए हम नियमित मॉनिटरिंग और सतत फॉलोअप सुनिश्चित करेंगे।”

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