उपखंड क्षेत्र में भीषण गर्मी की आहट के बीच पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। बामनवास उपजिला कलेक्टर (SDM) प्रियंका कंडेला ने शनिवार को क्षेत्र की विभिन्न पेयजल परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन (JJM) और अमृत योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति और वर्तमान जलापूर्ति की स्थिति का जायजा लिया।
इन क्षेत्रों का किया दौरा: SDM प्रियंका कंडेला ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के सहायक अभियंता के साथ पिपलाई, कीरतपुरा और बामनवास कस्बा क्षेत्र का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उन पॉइंट्स का बारीकी से अवलोकन किया जहाँ से मुख्य पाइपलाइन और वितरण प्रणाली संचालित होती है।

अधिकारियों को कड़े निर्देश: निरीक्षण के दौरान उपजिला कलेक्टर ने पेयजल व्यवस्था में व्याप्त कमियों को लेकर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को निम्नलिखित सख्त निर्देश दिए:
- निर्बाध जलापूर्ति: सभी प्रभावित क्षेत्रों में आमजन को बिना किसी रुकावट के और नियमित समय पर पानी उपलब्ध कराया जाए।
- शिकायतों का त्वरित निस्तारण: उपभोक्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई पेयजल संबंधी शिकायतों को फाइलों में दबाने के बजाय उनका प्रभावी और त्वरित समाधान सुनिश्चित हो।
- लापरवाही पर होगी कार्रवाई: प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पेयजल वितरण और मिशन के कार्यों में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अमृत योजना और JJM पर फोकस: SDM ने अमृत योजना और जल जीवन मिशन के तहत बिछाई जा रही लाइनों और बन रहे टैंकों की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने कहा कि सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना है, और इसमें देरी या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं है।
इस निरीक्षण के दौरान जलदाय विभाग के कर्मचारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद जताई जा रही है कि क्षेत्र में आगामी दिनों में पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
