मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के साथ एकीकरण की ओर कदम; बदला गया RGHS का प्रशासनिक ढांचा

राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य के वित्त विभाग द्वारा जारी एक हालिया आदेश के अनुसार, राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के प्रशासनिक ढांचे और कार्यों को अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन स्थानांतरित कर दिया गया है।

असिस्टेंट कमिश्नर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी तक: बदलाव का कारण

इस महत्वपूर्ण बदलाव का मुख्य उद्देश्य RGHS का मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (जिसे पहले मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से जाना जाता था) के सिस्टम के साथ सुचारू और व्यवस्थित एकीकरण सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार का मानना है कि दोनों योजनाओं का प्रबंधन एक ही विभाग के अंतर्गत होने से प्रशासनिक कार्यों में दक्षता आएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

पिछली व्यवस्था और नया ढांचा

आदेश में 30 नवंबर 2023 के वित्त विभाग के पिछले आदेश का संदर्भ दिया गया है। उस समय, यह माना गया था कि RGHS और तत्कालीन चिरंजीवी योजना (अब आयुष्मान आरोग्य योजना) की प्रकृति समान है। इसी आधार पर यह निर्णय लिया गया था कि RGHS के परियोजना निदेशक और पूरी टीम राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RSHAA) के अधीन काम करेगी, और निदेशक, SIPF की शक्तियों का उपयोग RSHAA के सीईओ द्वारा किया जाएगा।

अब, उस व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए, राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि RGHS कार्यालय और उसका पूरा स्टाफ, जो वर्तमान में सीईओ, RSHAA के प्रशासनिक नियंत्रण में है, अब सीधे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत एक अलग वर्टिकल के रूप में कार्य करेगा।

अनुमोदन और कार्यान्वयन

यह महत्वपूर्ण आदेश माननीय उपमुख्यमंत्री (वित्त मंत्री) की मंजूरी के बाद जारी किया गया है। वित्त विभाग (बजट) के प्रधान सचिव देबाशीष पृष्टि द्वारा जून 2025 में हस्ताक्षरित यह आदेश राजस्थान के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक दूरगामी प्रशासनिक सुधार का प्रतीक है। उम्मीद है कि इस एकीकरण से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

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