जयपुर: राजस्थान में भीषण गर्मी के इस दौर के बीच बिजली आपूर्ति को लेकर एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम (RVUNL) के ताप विद्युत गृहों (थर्मल पावर स्टेशनों) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बिजली उत्पादन का एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम किया है। 2 जून 2026 की रात 10 बजे, कोयला आधारित 23 इकाइयों (कुल क्षमता 7580 मेगावाट) ने 7171 मेगावाट का अब तक का सर्वाधिक विद्युत उत्पादन कर गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता इस मायने में भी खास है क्योंकि इस दौरान प्लांट यूटिलाइजेशन (PLF) का स्तर 94.60 प्रतिशत तक पहुंच गया।

सीएम के निर्देशों और उचित रखरखाव का मिला परिणाम
प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यभार संभालते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऊर्जा सेक्टर पर विशेष फोकस किया था और इसे लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए थे। इसके बाद विद्युत उत्पादन निगम ने पूर्व से चली आ रही तकनीकी खामियों को दूर किया और चरणबद्ध तरीके से इकाइयों का उचित रखरखाव (Maintenance) सुनिश्चित किया। इसी कुशल प्रबंधन और प्रभावी मॉनिटरिंग का नतीजा है कि निगम अपने गठन के बाद से अब तक का सबसे बेहतरीन उत्पादन आंकड़ा छूने में कामयाब रहा, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली सप्लाई में बड़ी मदद मिल रही है।
ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई, बताया 94.60% का रिकॉर्ड यूटिलाइजेशन
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निगम के सीएमडी, सभी अभियंताओं (Engineers) और फील्ड कर्मचारियों को बधाई दी है। ऊर्जा मंत्री ने आंकड़ों की तुलना करते हुए बताया कि इससे पहले 31 जनवरी 2025 को कोयला आधारित इकाइयों द्वारा 6833 मेगावाट का अधिकतम उत्पादन किया गया था। तब 22 इकाइयों (कुल क्षमता 7330 मेगावाट) का 93.22% यूटिलाइजेशन हुआ था। लेकिन इस बार 2 जून को 23 इकाइयों से 94.60 प्रतिशत यूटिलाइजेशन दर्ज किया गया है, जो कि निगम के इतिहास का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।
सूरतगढ़ थर्मल ने भी रचा इतिहास: ऊर्जा सचिव
ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने भी इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए विस्तृत आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि 2 जून 2026 को ही सूरतगढ़ थर्मल विद्युत गृह की सभी 8 इकाइयों ने भी अपनी कुल 2820 मेगावाट क्षमता में से अब तक का सर्वश्रेष्ठ 2790 मेगावाट उत्पादन दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। बेहतर रखरखाव, कुशल वार्षिक अनुरक्षण (Overhauling) तथा श्रेष्ठ संचालन के कारण ही यह शानदार सफलता मिल सकी है।
सीएमडी ने कर्मचारियों की मेहनत को दिया श्रेय
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) देवेन्द्र श्रृंगी ने इस सफलता का पूरा श्रेय थर्मल प्लांटों में तैनात तकनीकी स्टाफ और कर्मचारियों की अनवरत मेहनत को दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी तरह के आपसी समन्वय और बेहतरीन ग्रिड प्रबंधन के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया ताकि प्रदेश में आने वाले समय में बिजली की कोई कमी न रहे।
