कुदरत का रौद्र रूप: चूरू के सरदारशहर में जब दोपहर 2 बजे ही हो गई ‘रात’!

चूरू। राजस्थान के चूरू जिले में शनिवार दोपहर को कुदरत का एक ऐसा खौफनाक और हैरतअंगेज नजारा देखने को मिला, जिसने स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया। आसमान में अचानक उठी विशालकाय रेतीली दीवार और तेज धूल भरे बवंडर ने देखते ही देखते पूरे सरदारशहर को अपनी आगोश में ले लिया। आलम यह था कि दोपहर के ठीक 2:00 बजे ही घने काले बादलों और धूल के गुबार के कारण ‘आधी रात’ जैसा घोर अंधेरा छा गया। अचानक आए इस भयानक रेतीले तूफान की वजह से विजिबिलिटी (दृश्यता) घटकर शून्य के करीब पहुंच गई, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

बीच सड़क थमी वाहनों की रफ्तार, बाजारों में मची अफरा-तफरी

सरदारशहर में हालात इतने भयावह हो गए थे कि महज कुछ ही मीटर की दूरी पर देख पाना भी पूरी तरह नामुमकिन हो गया। इसके चलते सड़कों पर चल रहे वाहनों की रफ्तार जहां की तहां थम गई और वाहन चालकों को सुरक्षित सफर के लिए अपनी गाड़ियों की हेडलाइट्स और इंडिकेटर्स जलाकर सड़क किनारे रुकना पड़ा।

अंधड़ की तीव्रता को देखकर मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज हवाओं के थपेड़ों और उड़ती धूल से बचने के लिए लोग सुरक्षित स्थानों और दुकानों की ओर भागते नजर आए। भयंकर हवाओं के कारण शहर के कई हिस्सों में पेड़ उखड़ने और बिजली के पोल धराशायी होने की भी खबरें हैं, जिसके चलते कई फीडर बंद हो गए और बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।

आगामी कुछ घंटों के लिए ‘नाउकास्ट’ अलर्ट जारी

मौसम केंद्र जयपुर ने मौसम के इस बिगड़े मिजाज को देखते हुए आगामी कुछ घंटों के भीतर तीव्र मौसमी गतिविधियों का ‘नाउकास्ट’ (Nowcast) अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार:

“चूरू के भादरा, सिद्धमुख, सादुलपुर के साथ-साथ झुंझुनू के पिलानी और अलवर के भिवाड़ी जैसे क्षेत्रों में अत्यंत तेज अंधड़, आकाशीय बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ अचानक तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है। ऐसे में आमजन को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी जाती है।”

पश्चिमी विक्षोभ का असर, 70 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, राज्य के वायुमंडल में सक्रिय हुए एक नए और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण मौसम ने यह यू-टर्न लिया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि चूरू और बीकानेर संभाग के अलावा राजधानी जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभागों में भी 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी आंधी चलने और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। कुछ संवेदनशील इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका है। गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों में भी राज्य के कई हिस्सों में मानसून पूर्व की भारी बारिश दर्ज की गई है, जिसमें धौलपुर के बाड़ी में सबसे ज्यादा 58 मिलीमीटर (mm) बरसात दर्ज की गई है।

लू के थपेड़ों से मिलेगी राहत, अगले 4-5 दिन ऐसा ही रहेगा मिजाज

मौसम केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि राजस्थान में मौसम का यह बदला हुआ रूप अभी थमने वाला नहीं है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आगामी 4 से 5 दिनों तक आंधी-तूफान, तेज हवाओं और छिटपुट बारिश का यह दौर रुक-रुक कर जारी रहने की संभावना है।

हालांकि, इस रेतीले बवंडर ने जनजीवन और बुनियादी ढांचे को प्रभावित जरूर किया है, लेकिन पिछले कई दिनों से रिकॉर्डतोड़ और झुलसाने वाली नौतपा जैसी गर्मी झेल रहे राजस्थान के लोगों को इससे बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसमी बदलाव के कारण अब प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे आ जाएगा, जिससे लोगों को भीषण लू (Heatwave) के प्रकोप से काफी हद तक निजात मिल सकेगी।

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