8 बजे बंद हुए गेट, 11:23 बजे खुला सर्वर: सीयूईटी परीक्षा में टीसीएस की खराबी पर भड़के अभिभावक

जयपुर। देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक ‘कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट’ (CUET-UG 2026) के शनिवार सुबह के सत्र में भारी तकनीकी खराबी के कारण देशव्यापी अव्यवस्था देखने को मिली। शनिवार सुबह 9:00 बजे शुरू होने वाली ऑनलाइन परीक्षा सर्वर और तकनीकी खामियों के चलते करीब ढाई घंटे की देरी से, यानी सुबह 11:23 बजे शुरू हो सकी। सुबह 8:00 बजे से ही परीक्षा केंद्रों के भीतर बैठे देश भर के लाखों अभ्यर्थियों को इस देरी के कारण भारी मानसिक तनाव और असमंजस का सामना करना पड़ा। परीक्षा केंद्रों के बाहर खड़े अभिभावकों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और परीक्षा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

“पेपर ही अपलोड नहीं हुआ…” जयपुर के सेंटर से सामने आई हकीकत

जयपुर के दादी का फाटक स्थित श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने इस तकनीकी खामी की जमीनी हकीकत बयां की। अधिकारियों के मुताबिक, तय समय पर मुख्य सर्वर से परीक्षा का प्रश्नपत्र (पेपर) अपलोड ही नहीं हो पा रहा था। यह समस्या किसी एक केंद्र की नहीं, बल्कि देशव्यापी थी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया:

“तकनीकी खराबी के कारण पेपर देरी से डाउनलोड हुआ, जिसके बाद लगभग 11:23 बजे परीक्षा सुचारू रूप से शुरू कराई गई। चूंकि एनटीए ने अभ्यर्थियों को हुए समयानुसार नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त समय देने के निर्देश दिए हैं, इसलिए सभी छात्रों को परीक्षा पूरी करने के लिए पूरा वक्त मुहैया कराया जा रहा है।”

सुबह 8 बजे से बंद थे गेट, ढाई घंटे तक मानसिक दबाव में रहे छात्र

नियमों के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8:00 बजे ही एंट्री बंद कर दी गई थी। छात्र कड़े नियमों का पालन करते हुए समय से पहले सेंटर्स पर पहुंच गए थे। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले अचानक आई इस तकनीकी बाधा के बाद छात्र लगातार केंद्र के स्टाफ से जानकारी मांगते रहे, लेकिन उन्हें सिर्फ इंतजार करने को कहा गया।

परीक्षा देकर बाहर निकले कई छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सुबह से बिना किसी जानकारी के बंद कमरों में बैठे रहने के कारण वे परीक्षा से ठीक पहले भारी मानसिक दबाव और थकान की स्थिति में आ गए थे। वहीं अभिभावकों का कहना था कि छात्रों को तो समय पर पहुंचने और सख्त नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन खुद एजेंसी की तकनीकी तैयारियां पूरी तरह अधूरी रहती हैं, जिसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है।

एनटीए की सफाई: मेसर्स टीसीएस (TCS) के सर्वर में आई थी खराबी

मामले के तूल पकड़ने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक बयान जारी कर सफाई दी। एनटीए ने बताया कि परीक्षा के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही मेसर्स टीसीएस (TCS) की तकनीकी प्रणाली में अचानक खराबी आ जाने के कारण 30 मई को आयोजित होने वाली CUET (UG)-2026 परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी।

एजेंसी के अनुसार, टीसीएस की तकनीकी टीम ने मुस्तैदी से काम कर समस्या को ठीक किया। एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि इस देरी के कारण किसी भी अभ्यर्थी का शैक्षणिक नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और प्रभावित केंद्रों पर छात्रों को उनकी परीक्षा अवधि का पूरा अतिरिक्त समय (Extra Time) अनिवार्य रूप से दिया गया है।

ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पर फिर खड़े हुए सवाल

देश के तमाम केंद्रीय विश्वविद्यालयों और प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में ग्रेजुएशन (स्नातक) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली इस बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा में हुई इस चूक ने एक बार फिर देश की ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की साख पर सवाल उठा दिए हैं। शिक्षाविदों का कहना है कि जब इस परीक्षा में देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा होता है, तो बैकअप और सर्वर मैनेजमेंट को लेकर पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए जाते।

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