गर्मियों में आंखों की सुरक्षा: सनग्लासेस खरीदते समय न करें ये गलतियां, एक्सपर्ट से जानें UV400 प्रोटेक्शन का महत्व

भीषण गर्मी और तपती धूप में घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है। अक्सर हम अपनी त्वचा को बचाने के लिए सनस्क्रीन या छतरी का इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन आंखों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे जलन से लेकर मोतियाबिंद जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

आज ‘जरूरत की खबर’ में हम जानेंगे कि गर्मियों में सनग्लासेस पहनना क्यों अनिवार्य है और चश्मा खरीदते समय किन तकनीकी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

आंखों पर UV किरणों का प्रहार: ये 10 नुकसान हो सकते हैं भारी

बिना सुरक्षा के तेज धूप में निकलने से आंखें सीधे UV किरणों और तेज रोशनी के संपर्क में आती हैं। इससे निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:

  1. आंखों में तेज जलन और रेडनेस।
  2. लगातार पानी आना और सूखापन (Dryness)।
  3. सिरदर्द और आंखों में भारीपन।
  4. दृष्टि में धुंधलापन आना।
  5. कॉर्निया को दीर्घकालिक नुकसान।
  6. समय से पहले मोतियाबिंद (Cataract) का खतरा।
  7. रेटिना डैमेज होने का रिस्क।
  8. नजर का धीरे-धीरे कमजोर होना।
  9. पलकों के आसपास की त्वचा का झुलसना।
  10. आंखों में चुभन और थकान महसूस होना।

सस्ते सनग्लासेस: फायदे से ज्यादा नुकसान

बाजार में मिलने वाले सस्ते या लोकल सनग्लासेस आंखों के लिए ‘स्लो पॉइजन’ की तरह काम कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन चश्मों में UV प्रोटेक्शन नहीं होता। जब आप गहरे रंग का सस्ता चश्मा पहनते हैं, तो आपकी पुतलियां (Eyeballs) फैल जाती हैं। UV फिल्टर न होने के कारण हानिकारक किरणें और भी अधिक मात्रा में आंखों के अंदर प्रवेश कर जाती हैं, जिससे डैमेज का खतरा दोगुना हो जाता है।

सनग्लासेस खरीदते समय ध्यान रखें ये 8 जरूरी बातें

एक सही सनग्लास केवल स्टाइल के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए होना चाहिए। खरीदारी करते समय इन बातों को जांचें:

  • UV400 प्रोटेक्शन: हमेशा ‘UV400’ या ‘100% UV Protection’ लेबल वाले चश्मे ही खरीदें।
  • लेंस की क्वालिटी: चकाचौंध (Glare) को कम करने के लिए पोलराइज्ड (Polarized) लेंस सबसे बेहतर होते हैं।
  • फ्रेम का साइज: छोटे फ्रेम के बजाय बड़े या ‘रैपअराउंड’ स्टाइल के फ्रेम चुनें, जो आंखों को साइड से भी कवर करें।
  • लेंस का रंग: बेहतर विजन के लिए ग्रे, ब्राउन या हरे रंग के लेंस का चुनाव करें।
  • स्क्रैच रेजिस्टेंस: सुनिश्चित करें कि लेंस पर स्क्रैच न पड़ें, क्योंकि खराब लेंस आंखों पर तनाव बढ़ाते हैं।
  • बादलों में भी सुरक्षा: UV किरणें बादलों के पार भी पहुंचती हैं, इसलिए हल्की धूप या बादल होने पर भी चश्मा पहनें।
  • कॉन्टैक्ट लेंस यूजर्स: जो लोग कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, उन्हें भी सनग्लासेस लगाना चाहिए क्योंकि लेंस पूरी आंख को कवर नहीं करते।
  • बच्चों के लिए अनिवार्य: बच्चों की आंखें बड़ों की तुलना में अधिक संवेदनशील होती हैं, उनके लिए अच्छी क्वालिटी के सनग्लासेस जरूर लें।

एक्सपर्ट की राय

नेत्र रोग विशेषज्ञों के अनुसार, सनग्लासेस पहनना सिर्फ दोपहर की जरूरत नहीं है। सुबह और शाम की धूप में भी UV तीव्रता जोखिम पैदा कर सकती है। इसके अलावा, जो लोग हाल ही में आंखों की सर्जरी (जैसे मोतियाबिंद या लासिक) करा चुके हैं, उन्हें बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

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