वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का Main Gate सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं है, बल्कि यही दरवाज़ा आपके घर में धन, सुख, अवसर और ऊर्जा को प्रवेश देता है। अगर मुख्य दरवाजे की डायरेक्शन (दिशा) गलत है, तो धन, हेल्थ, रिलेशनशिप, व्यापार, मान-सम्मान और आपकी किस्मत पर भी निश्चित रूप से इसका दुष्प्रभाव देखने को मिलेगा। हो सकता है आपके घर का Main Gate ही आपकी परेशानियों की जड़ हो। आइए वास्तु एक्सपर्ट से मुख्य दरवाजे की गलत दिशाओं और उनके उपायों के विषय में जानते हैं।

मुख्य द्वार की गलत दिशाएं और उनके दुष्प्रभाव
- दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण): साउथ वेस्ट (South-West) में मेन गेट सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है, इसलिए इसको निश्चित रूप से अवॉइड करना चाहिए। यह दिशा राहु की मानी जाती है जिससे घर में अचानक बड़ी मुश्किलें आती हैं। अक्सर बीमारी और दवाइयों का खर्च बना रहता है। जीवन में स्थिरता की कमी और स्ट्रेस भी बढ़ सकता है। परिवार के मुखिया को भी मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस दिशा में मुख्य द्वार होने से संतान के करियर और आर्थिक उन्नति पर भी गलत प्रभाव देखने को मिलता है। उपाय: यहां मुख्य दरवाजा होने पर घर की दहलीज पर वैदिक मारुति यंत्र और दरवाजे के ऊपर गोमेद रत्नों से युक्त हस्त निर्मित ‘नैऋत्य दोष निवारक वैदिक यंत्र’ स्थापित करना चाहिए।
- दक्षिण दिशा: दक्षिण (South) दिशा का स्वामी यमराज और यह पितरों की दिशा है। गलत पद में दक्षिण दिशा में स्थित मुख्य द्वार के कारण घर की महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर देखने को मिलता है। करियर और बिजनेस में अक्सर रुकावटें आती हैं और बिना बात के कानूनी झगड़े या कोर्ट कचहरी के मामले भी देखने को मिल सकते हैं (हालांकि कुछ विशेष पद और व्यवसायों के लिए यह दिशा शुभता भी प्रदान करती है)। उपाय: यहां मुख्य द्वार होने पर देहलीज में वैदिक मारुति यंत्र और मुख्य द्वार पर मूंगा रत्नों से युक्त हस्त निर्मित ‘मंगल दोष निवारक यंत्र’ की अवश्य स्थापना करनी चाहिए।
- दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण): साउथ ईस्ट (South-East) का यह कोण अग्नि की दिशा है। यहां मुख्य द्वार होने पर आगजनी की दुर्घटनाएं और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। कैश फ्लो की परेशानी, पारिवारिक स्थिरता में कमी और चोरी की घटनाएं भी देखने को मिलती हैं। हेल्थ इश्यू खासकर बीपी और स्ट्रेस की परेशानी बढ़ सकती है। घर के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव दिखाई देता है। उपाय: यहां मुख्य द्वार होने पर दहलीज में मारुति यंत्र और मुख्य द्वार के ऊपर ‘आग्नेय दोष निवारक वैदिक यंत्र’ की स्थापना अवश्य करनी चाहिए।
- उत्तर-पश्चिम (वायव्य दिशा): नॉर्थ वेस्ट (North-West) में यदि मुख्य द्वार गलत पद पर स्थित हो तो यह पारिवारिक जीवन में अस्थिरता लाता है। बिजनेस डील बहुत अच्छी नहीं हो पाती है, पड़ोसियों और रिश्तेदारों के साथ भी संबंधों में मधुरता की कमी रहती है। घर के सदस्य अक्सर घर से बाहर रहने का प्रयास करते हैं और शत्रुता में वृद्धि एवं चोरी का डर भी बना रहता है। उपाय: यहां मुख्य द्वार होने पर मोती रत्नों से युक्त हस्त निर्मित ‘वायव्य दोष निवारक वैदिक यंत्र’ अवश्य स्थापित करना चाहिए।

Main Gate की सही दिशा और शुभ प्रभाव
- उत्तर दिशा (North): घर या ऑफिस का मुख्य दरवाजा यदि उत्तर दिशा में है तो यह धन और मान-सम्मान के लिए काफी शुभ माना जाता है।
- पूर्व दिशा (East): यदि मुख्य द्वार पूर्व दिशा में है तो यह जीवन में आपको उन्नति और सफलता देने वाला साबित होता है।
- सकारात्मक ऊर्जा: आपके घर या ऑफिस की सही एंट्रेंस पॉजिटिव एनर्जी (Positive Energy) और हैप्पीनेस (Happiness) लाने वाली होती है।
विशेष वास्तु उपाय: घर या ऑफिस के मुख्य दरवाजे की दिशा गलत होने पर वहां के अशुभ परिणामों में कमी लाने के लिए मूंगा रत्नों से युक्त हस्त निर्मित ‘पंचमुखी हनुमान कवच’ की स्थापना करने पर निश्चित ही अशुभ परिणामों में कमी और शुभ परिणामों में वृद्धि देखने को मिलती है।
लेखक एवं विशेषज्ञ डॉ. योगेश व्यास,

✍️डॉ.योगेश व्यास, ज्योतिषाचार्य
👉(कुण्डली, अंक ज्योतिष & वास्तु एक्सपर्ट),
🏹 नेट (ज्योतिष शास्त्र & संस्कृत)
🛎️ पीएचडी (ज्योतिष शास्त्र)
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