नई दिल्ली , वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में एक ऐसी घोषणा की है जो वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) और बाजार समीकरणों को बदल कर रख देगी। भारत अब रेयर अर्थ एलिमेंट्स (Rare Earth Elements) के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सबसे बड़ा कदम उठाने जा रहा है। सरकार ने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे तटीय राज्यों में ‘स्पेशल रेयर अर्थ कॉरिडोर’ स्थापित करने की घोषणा की है।
यह कदम सीधे तौर पर इस क्षेत्र में चीन के वर्चस्व को चुनौती देने और भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का केंद्र बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्या है रेयर अर्थ कॉरिडोर और यह क्यों है खास?
ये कॉरिडोर केवल खनन (Mining) केंद्र नहीं होंगे, बल्कि इन्हें एक व्यापक हब (Comprehensive Hub) के रूप में विकसित किया जाएगा।
- वैल्यू चेन का विकास: इसमें खनन से लेकर प्रसंस्करण (Processing), अनुसंधान (R&D) और उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing) तक सब कुछ एक ही छत के नीचे होगा।
- मैग्नेट उत्पादन पर जोर: इसका मुख्य फोकस कच्चे माल को शुद्ध कर उच्च गुणवत्ता वाले रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) का उत्पादन करना है।
चीन को झटका और भारत का मास्टरप्लान
वर्तमान में भारत अपनी जरूरतों के लिए चीन पर निर्भर है। इलेक्ट्रिक वाहन (EV), स्मार्टफोन, रक्षा उपकरण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भविष्य के उद्योगों के लिए रेयर अर्थ खनिज ‘ईंधन’ की तरह हैं।
- रणनीतिक लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य हर साल 6,000 मीट्रिक टन रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट बनाने की क्षमता विकसित करना है।
- भारी निवेश: नवंबर 2025 में शुरू हुई योजना के तहत 7,280 करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारा जा रहा है।
इन 4 राज्यों की चमकेगी किस्मत
सरकार ने इन राज्यों का चुनाव वहां मौजूद प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर किया है:
- ओडिशा
- केरल
- आंध्र प्रदेश
- तमिलनाडुइन राज्यों में मोनाजाइट और समुद्र तट की रेत में खनिजों के प्रचुर भंडार हैं, जो रेयर अर्थ तत्वों के प्राथमिक स्रोत हैं।
इंडस्ट्री की राय: वैश्विक चिंता का समाधान
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रेयर अर्थ उत्पादन में चीन के लगभग एकाधिकार (Monopoly) को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। भारत की यह पहल ‘राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन’ (National Critical Mineral Mission) को मजबूती देगी और वैश्विक निर्यात बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाएगी।
“यह बजट घोषणा भारत को केवल एक उपभोक्ता नहीं, बल्कि रेयर अर्थ खनिजों के वैश्विक उत्पादक के रूप में स्थापित करेगी।” – उद्योग पर्यवेक्षक
Quick Facts: रेयर अर्थ योजना
| विशेषता | विवरण |
| कुल निवेश | ₹7,280 करोड़ |
| उत्पादन लक्ष्य | 6,000 मीट्रिक टन (प्रति वर्ष) |
| प्रमुख खनिज | मोनाजाइट और समुद्र तट रेत खनिज |
| केंद्र बिंदु | खनन, शुद्धिकरण और परमानेंट मैग्नेट निर्माण |
