करौली | राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। करौली जिले की पंचायत समिति सपोटरा के तहत आने वाली बालौती ग्राम पंचायत में एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। खास बात यह है कि यह पंचायत सपोटरा के स्थानीय विधायक हंसराज बालौती की गृह पंचायत है। यहां स्थित ‘भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र’ पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) दल निरीक्षण के लिए पहुंचा और उन्हें केंद्र पर घंटों तक ताला लटका हुआ मिला। इस लापरवाही ने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
शिकायत प्रार्थना पत्र
जानकारी के अनुसार, सामाजिक अंकेक्षण दल जब बालौती ग्राम पंचायत पहुंचा तो सुबह 9:30 बजे से लेकर दोपहर 2:00 बजे तक सेवा केंद्र पर ताला लगा हुआ था। इस दौरान कार्यालय में न तो ग्राम पंचायत सचिव मौजूद थे और न ही एलडीसी (LDC) का कोई अता-पता था। इस स्थिति के चलते न केवल सामाजिक अंकेक्षण का महत्वपूर्ण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ, बल्कि अपने कामों के लिए वहां पहुंचे आमजन को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंकेक्षण दल ने आरोप लगाया है कि जब गायब अधिकारियों और कर्मचारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो वे अपनी गैरहाजिरी को लेकर तरह-तरह के बहाने बनाते रहे। इतना ही नहीं, जब सपोटरा के विकास अधिकारी (BDO) से इस लापरवाही के बाबत बात की गई, तो उनकी तरफ से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और वे फोन पर झूठी बातें और बहानेबाजी करते नजर आए।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में भारी रोष है। ग्राम पंचायत के सरपंच का कहना है कि कर्मचारियों की इस तरह की लापरवाही को लेकर पहले भी लगातार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ताकि आमजन को बेवजह भटकना न पड़े। साथ ही, मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर ड्यूटी से नदारद रहने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। विधायक की ही गृह पंचायत में ऐसी बदहाली सामने आने के बाद अब पंचायत समिति के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।