SI Paper Leak: लीक पेपर पढ़कर लिखित परीक्षा में तो ले आया बंपर नंबर, पर ‘इंटरव्यू’ ने खोल दी पोल

जयपुर | राजस्थान की उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 के बहुचर्चित पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और शातिर आरोपी को दबोचा है। गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थी की कहानी बेहद हैरान करने वाली है; उसने RPSC के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा द्वारा लीक किया गया पेपर परीक्षा से ठीक पहले पढ़ा और लिखित परीक्षा में ‘टॉपर्स’ जैसे बंपर नंबर हासिल कर लिए।

लेकिन, नकल के सहारे लिखित परीक्षा में झंडे गाड़ने वाला यह अभ्यर्थी जब इंटरव्यू (साक्षात्कार) के लिए पैनल के सामने बैठा, तो वहां न्यूनतम निर्धारित अंक भी नहीं ला सका और फेल हो गया।

भाई के जरिए मिला था बाबूलाल कटारा का ‘लीक पेपर’

SOG के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (ADG) विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष दाधीच के रूप में हुई है।

  • जांच में इस बात का पुख्ता खुलासा हुआ है कि मनीष दाधीच को यह प्रश्नपत्र और उसकी उत्तर-कुंजी उसके सगे भाई पुरुषोत्तम दाधीच और साथी संदीप कुमार लाटा के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई थी।
  • यह वही पेपर था जिसे राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के तत्कालीन भ्रष्ट सदस्य बाबूलाल कटारा ने लाखों रुपये के लालच में परीक्षा से पहले ही ‘लीक माफियाओं’ को बेच दिया था।

नकलची के ‘कागजी’ नंबर बनाम इंटरव्यू की हकीकत

लीक पेपर को रटकर परीक्षा हॉल में बैठने का नतीजा यह रहा कि मनीष दाधीच ने लिखित परीक्षा में शानदार स्कोर खड़ा किया:

परीक्षा का विषयकुल अंकमनीष दाधीच को मिले अंक
हिंदी (Hindi Subject)200 अंक170.08 अंक
सामान्य ज्ञान (General Knowledge)200 अंक158.69 अंक

इंटरव्यू में खुली पोल: लिखित परीक्षा में इतने ऊंचे अंक लाने के बावजूद जब वह इंटरव्यू पैनल के सवालों का सामना करने बैठा, तो उसकी असलियत सामने आ गई। इंटरव्यू में न्यूनतम कटऑफ मार्क्स न ला पाने के कारण उसका अंतिम रूप से चयन (Final Selection) नहीं हो पाया।

सगा भाई पहले ही हो चुका है गिरफ्तार, SC से है जमानत पर

इस पूरे सिंडिकेट में मनीष के भाई पुरुषोत्तम दाधीच की भूमिका मुख्य ‘कैरियर’ (पेपर रटवाने वाले) की थी।

  • SOG की टीम पुरुषोत्तम दाधीच को 2 जून 2025 और संदीप कुमार लाटा को 4 जून 2025 को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
  • जांच में सामने आया था कि इन दोनों ने लीक पेपर प्राप्त कर अपने कई परिचित अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले रटवाया था।
  • SOG ने 31 जुलाई 2025 को दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र (Charge-sheet) भी पेश कर दिया था।

(वर्तमान में पुरुषोत्तम और संदीप सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर बाहर हैं और अपने-अपने सरकारी विभागों से निलंबित चल रहे हैं।)

10 हजार का था इनाम, 23 जून तक पुलिस रिमांड पर

अपने भाई की गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी मनीष दाधीच पुलिस से बचने के लिए लंबे समय से अंडरग्राउंड (फरार) चल रहा था। उसकी धरपकड़ के लिए SOG के पुलिस अधीक्षक ने 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।

आखिरकार SOG की स्पेशल इंटेलिजेंस टीम ने 19 जून को उसे ट्रैप कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए आज यानी 23 जून 2026 तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

SI पेपर लीक अपडेट: अब तक 147 सलाखों के पीछे

ADG विशाल बंसल के अनुसार, SI भर्ती-2021 पेपर लीक प्रकरण में जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इस महाघोटाले में SOG अब तक कुल 147 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और फरार चल रहे अन्य डमी अभ्यर्थियों व दलालों की तलाश जारी है।

गिरफ्तार आरोपी का पूर्ण विवरण:

  • नाम: मनीष दाधीच पुत्र महावीर प्रसाद शर्मा
  • निवासी: सागू छोटी, पोस्ट सागू कलां, थाना खुनखुना, जिला डीडवाना-कुचामन (राजस्थान)

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