जयपुर, गुलाबी नगरी जयपुर के इतिहास में गुरुवार, 15 जनवरी का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। भारतीय सेना ने अपना 78वां सेना दिवस जयपुर के जगतपुरा (महल रोड) पर पूरे सैन्य गौरव, अनुशासन और पराक्रम के साथ मनाया। यह ऐतिहासिक अवसर इसलिए भी खास रहा क्योंकि पहली बार सेना दिवस की परेड किसी असैन्य क्षेत्र (Civilian Area) में आयोजित की गई और राजस्थान को इसकी मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ।
स्वदेशी ताकत और अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। परेड का नेतृत्व दक्षिण पश्चिम कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल हरविंदर सिंह ने किया। इस वर्ष की थीम ‘भारतीय सेना-शौर्य और बलिदान’ के अनुरूप सेना ने अपनी अजेय शक्ति का प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के मुख्य आकर्षण:
- हथियार प्रणाली: स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल, भीष्म (T-90) और अर्जुन टैंक, के-9 वज्र तोप, नाग मिसाइल सिस्टम (NAMIS) और पिनाका रॉकेट लॉन्चर।
- भविष्य की तकनीक: ड्रोन शक्ति, ड्रोन जैमर, रोबोटिक म्यूल और इलेक्ट्रिक ऑल टैरेन व्हीकल।
- विशेष टुकड़ियां: नव गठित ‘भैरव बटालियन’ सहित 7 रेजिमेंट की टुकड़ियों ने कदमताल की। महिलाओं के बढ़ते कदम दर्शाते हुए गर्ल्स एनसीसी टुकड़ी ने भी मार्च पास्ट किया।
5 शूरवीरों को मरणोपरांत सेना मेडल
देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 5 जांबाजों को मरणोपरांत ‘सेना मेडल (गैलेंट्री)’ से सम्मानित किया गया। इनमें सूबेदार मेजर पवन कुमार, हवलदार सुनील कुमार सिंह, लांस नायक दिनेश कुमार, लांस नायक सुभाष कुमार और लांस नायक प्रदीप कुमार के नाम शामिल हैं। उनके परिजनों ने यह सम्मान प्राप्त किया।
आसमान में रोमांच और जमीन पर सांस्कृतिक रंग
कार्यक्रम का समापन रोंगटे खड़े कर देने वाले करतबों से हुआ:
- एयर शो: चेतक हेलीकॉप्टरों द्वारा पुष्प वर्षा, अपाचे का फॉर्मेशन और नाल एयरबेस से आए जगुआर लड़ाकू विमानों की गर्जना ने आसमान को थर्रा दिया।
- हैरतअंगेज करतब: पैराट्रूपर्स की जंप और ‘टोर्नेडो’ टीम के बाइक स्टंट्स ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- सांस्कृतिक संगम: सेना की टुकड़ियों के साथ राजस्थान के कालबेलिया, गैर और भरतपुर की फूलों की होली की झांकियों ने ‘अतुल्य भारत’ की तस्वीर पेश की।
वीआईपी मेहमानों की उपस्थिति
इस गौरवमयी समारोह के साक्षी राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, सप्तशक्ति कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह और मिजोरम के राज्यपाल जनरल (रि.) वीके सिंह बने।
