ग्राम उत्थान शिविरों से ग्रामीण विकास को मिल रही नई रफ़्तार: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की समीक्षा

जयपुर, राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में खुशहाली लाने के उद्देश्य से आयोजित हो रहे ‘ग्राम उत्थान शिविर’ जनसेवा का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में इन शिविरों की प्रगति की जिलावार और विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से सीधे जोड़ा जा रहा है।

प्रथम चरण की बड़ी सफलता: 6.5 लाख से अधिक लाभार्थी

मुख्य सचिव ने बताया कि शिविरों के प्रथम चरण के मात्र तीन दिनों में ही 941 गिरदावर सर्किलों में आयोजन पूरे किए गए, जिनमें 6 लाख 59 हजार 208 से अधिक ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के अनुरूप, इन शिविरों में 13 प्रमुख विभागों की योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे प्रदान किया जा रहा है।


विभागवार उपलब्धियां: एक नजर में

विभागप्रमुख उपलब्धि
कृषि विभाग2.26 लाख किसानों को फसल बीमा, 1.80 लाख बीज मिनीकिट का सत्यापन।
पशुपालन2.60 लाख पशुओं का उपचार, 47 हजार का मंगला पशु बीमा में पंजीकरण।
ऊर्जाPM सूर्य घर योजना के तहत 19,025 परिवारों के आवेदन।
सहकारिता15 हजार नए KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) और 4,100 नए बैंक खाते।
पंचायती राज32 हजार से अधिक ग्रामीणों को स्वामित्व कार्ड का वितरण।

आगामी शिविरों का शेड्यूल

ग्रामीणों की सुविधा के लिए शेष ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन निम्नलिखित तिथियों पर किया जाएगा:

  • 31 जनवरी और 1 फरवरी
  • 5 फरवरी से 9 फरवरी तक

इन शिविरों के माध्यम से प्रदेश के शेष 2,839 गिरदावर सर्किलों को कवर किया जाएगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जटिल प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँच सके।

पारदर्शी निस्तारण पर जोर

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि शिविरों में केवल वर्तमान अनुदान आवेदनों का ही निस्तारण नहीं हो रहा, बल्कि आगामी वर्ष की गतिविधियों के लिए भी आवेदन पत्र तैयार करवाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के विजन के अनुसार, पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाया गया है ताकि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे।

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