जयपुर। राजस्थान में सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और थार का मरुस्थल अब भट्टी की तरह तपने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी का यह प्रकोप और अधिक गंभीर रूप धारण करने वाला है। विभाग ने चेतावनी दी है कि राज्य के कई जिलों में आगामी दिनों में भीषण हीटवेव (उष्ण लहर) और अति उष्ण लहर (Severe Heatwave) का दौर देखने को मिलेगा।
चित्तौड़गढ़ रहा सबसे गर्म, पश्चिमी राजस्थान में पारा 48°C पार जाने की आशंका
बीते शुक्रवार (22 मई) को प्रदेश का सबसे अधिक तापमान चित्तौड़गढ़ में 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, फलोदी और जोधपुर जैसे पश्चिमी जिलों में भी भीषण गर्मी ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 24 मई से राज्य में गर्मी का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है, जिससे तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होगी। इसके चलते पश्चिमी राजस्थान के जिलों में अति उष्ण लहर चलेगी, जबकि पूर्वी और उत्तरी जिलों में ‘गर्म रातों’ (Warm Nights) और हीटवेव का दोहरा असर दिखेगा। मौसम विभाग ने 24 और 25 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि पश्चिमी जिलों में पारा 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक को छू सकता है।
श्रीगंगानगर में सुबह बरसे बदरा, दोपहर बाद इन जिलों में आंधी का ‘येलो अलर्ट’
भीषण गर्मी के बीच शनिवार सुबह श्रीगंगानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह करीब 6:30 बजे हुई हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई और स्थानीय लोगों को पिछले कई दिनों से जारी हीटवेव से फौरी राहत मिली। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत बेहद अस्थायी है और अगले दो दिनों में यहाँ फिर से पारा चढ़ेगा।
दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में शनिवार दोपहर बाद धूल भरी आंधी चलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने झुंझुनूं, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, मेघगर्जन और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को आंधी के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है।
किसानों और आम जनता के लिए मौसम विभाग की विशेष एडवायजरी
मौसम में अचानक होने वाले इस बदलाव और आंधी-बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं:
- फसलों की सुरक्षा: खेतों और कृषि मंडियों में खुले में रखी कटी हुई फसल, अनाज और कृषि उपज को तिरपाल से अच्छी तरह ढककर सुरक्षित स्थानों पर रखें ताकि अचानक आई आंधी-बारिश से नुकसान न हो।
- आम जनता के लिए सलाह: दोपहर के समय (विशेषकर 12 से 4 बजे के बीच) बिना जरूरी काम के सीधे धूप में बाहर निकलने से बचें। घर से बाहर निकलते समय सिर और बदन को सूती कपड़े से ढककर रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।