बांसवाड़ा/राजस्थान: राजस्थान सरकार ने ग्रामीण रोजगार को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) योजना का स्वरूप बदलकर ‘विकसित भारत-जी राम जी’ (VB-GRAMG) होने जा रहा है। सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि इस नई योजना के तहत केवल उन्हीं श्रमिकों को रोजगार दिया जाएगा, जिनका ई-केवाईसी (e-KYC) पूर्ण हो चुका है।

हालांकि, प्रशासन के लिए चिंता का विषय यह है कि योजना में बदलाव की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद मजदूर ई-केवाईसी कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। विभाग को डर है कि यदि समय रहते ई-केवाईसी नहीं हुआ, तो हजारों सक्रिय मजदूरों के नाम रोजगार पाने वाली सूची से काट दिए जाएंगे।
7 दिन का अल्टीमेटम, 96 हजार मजदूर अभी भी शेष
जिला परिषद से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगामी सात दिनों के भीतर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार:
- कुल पंजीकृत सक्रिय मजदूर: 6,76,335
- ई-केवाईसी पूर्ण: 5,79,549 (85.70%)
- शेष मजदूर: 96,786
विभाग अब ब्लॉक स्तर पर विशेष अभियान चलाकर इन शेष मजदूरों के पीछे लगा है ताकि उन्हें योजना से बाहर होने से बचाया जा सके।
ब्लॉक अनुसार ई-केवाईसी प्रगति रिपोर्ट
जिले के 11 ब्लॉकों की स्थिति नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है:
| ब्लॉक | कुल मजदूर | ई-केवाईसी पूर्ण |
| घाटोल | 1,08,592 | 96,996 |
| गढी | 75,120 | 58,747 |
| कुशलगढ़ | 74,603 | 65,234 |
| आनंदपुरी | 73,626 | 67,134 |
| सज्जनगढ़ | 61,225 | 51,306 |
| बांसवाड़ा | 58,695 | 51,509 |
| गागड़तलाई | 53,054 | 43,523 |
| अरथूना | 48,051 | 40,648 |
| छोटी सरवन | 45,582 | 37,750 |
| तलवाड़ा | 39,122 | 34,534 |
| बागीदौरा | 38,665 | 32,168 |
VB-GRAMG योजना के फायदे: 100 की जगह 125 दिन का काम
‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना न केवल पुराने ढर्रे को बदलेगी, बल्कि मजदूरों के लिए अधिक अवसर भी लाएगी। इस योजना की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- रोजगार गारंटी: अब मजदूरों को साल में 100 दिन के बजाय 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी मिलेगी।
- चार मुख्य फोकस क्षेत्र: योजना में जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संबंधी कार्य और मौसमीय आपदाओं से निपटने के उपायों पर विशेष जोर दिया गया है।
- डिजिटल एकीकरण: सभी कार्यों को ‘विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक’ में एकीकृत किया गया है।
- श्रेणीबद्ध विकास: पंचायतों को उनके विकास मानकों के आधार पर A, B और C श्रेणी में विभाजित किया गया है।
विभाग की अपील: जिला परिषद प्रशासन ने सभी श्रमिकों से अपील की है कि वे तुरंत अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी करवाएं, अन्यथा नई योजना के लागू होते ही वे रोजगार के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
