प्रशासन की सख्ती और सीमाज्ञान से सुलझा टोडारायसिंह रोड विवाद; किसानों की शर्तों के साथ अब शुरू होगा सड़क निर्माण

राजस्थान के टोंक जिले में स्टेट हाईवे-37 (मालपुरा-टोडारायसिंह) लिंक रोड के निर्माण को लेकर चल रहा गतिरोध आखिरकार मंगलवार को समाप्त हो गया। राजस्व टीम द्वारा पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में किए गए ‘सीमाज्ञान’ (Demarcation) के बाद अब 47.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क का काम सुचारू रूप से शुरू हो सकेगा।

क्या था विवाद?

सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) जब आरामपुरा चौराहे से पन्द्राहेड़ा तक सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए मिट्टी कार्य कर रहा था, तब जमीन की सीमा को लेकर ग्रामीण खातेदारों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। विवाद इतना बढ़ गया था कि बात हाथापाई तक पहुँच गई थी और विभागीय टीम को काम छोड़कर लौटना पड़ा था। बाद में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मिलकर स्पष्ट सीमांकन और मुआवजा भूमि की स्पष्टता की मांग की थी।

किसानों ने रखी अपनी शर्तें

राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में सीमांकन प्रक्रिया पूरी होने पर किसानों ने संतोष जताया, लेकिन साथ ही ठेकेदार को सख्त हिदायत भी दी। किसानों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान उनके खेतों के किनारों से मिट्टी नहीं उठाई जाए। यदि खेतों से मिट्टी की खुदाई की गई, तो ग्रामीण दोबारा काम रुकवा देंगे।

इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत गुर्जर की थड़ी से रीण्डल्या-बावड़ी वाया पन्द्राहेड़ा और आरामपुरा चौराहे से पन्द्राहेड़ा तक करीब 7.5 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार ने 47.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। सड़क बनने से मालपुरा और टोडारायसिंह क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक पंचायतों का जिला मुख्यालय से संपर्क मजबूत होगा।

गुंसी-लुहारा मार्ग भी हुआ अतिक्रमण मुक्त

सड़क सुरक्षा को लेकर एक अन्य अभियान में सार्वजनिक निर्माण विभाग ने गुंसी-लुहारा मार्ग पर तीन किलोमीटर तक फैले अतिक्रमण और झाड़ियों को साफ कर दिया है। सहायक अभियंता राजशेखर गोस्वामी के अनुसार, सड़क के किनारों पर बबूल की झाड़ियां और ग्रामीणों द्वारा डाली गई रेवड़ियों के कारण रास्ता संकरा हो गया था, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। अब जेसीबी की मदद से इसे साफ कर दिया गया है, जिससे राहगीरों को बड़ी राहत मिली है।

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