जयपुर: राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और युवाओं के हित में कई ऐतिहासिक और बड़े फैसले लिए हैं। जयपुर में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान सेवा नियम 1951 में तीन महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, जनजाति क्षेत्रीय विकास (TAD) विभाग और वन विभाग के सेवा नियमों में भी संशोधन का अनुमोदन किया गया है। सरकार के इन फैसलों से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
1. राजस्थान सेवा नियम 1951 में तीन बड़े संशोधन
मंत्रिमंडल ने कर्मचारी कल्याण की भावना को ध्यान में रखते हुए नियमों में निम्नलिखित बदलाव किए हैं:
- वेतन-भत्तों की वसूली बंद: अब राजपत्रित पद पर नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण के दौरान या प्रशिक्षण समाप्ति के दो वर्ष की अवधि में पद त्याग करने वाले कार्मिकों से केवल प्रशिक्षण व्यय (Training Expenses) की ही वसूली की जाएगी। उनसे इस दौरान भुगतान किए गए वेतन और भत्तों की वसूली बिल्कुल नहीं होगी।
- अन्य विभागों में नई नियुक्ति पर छूट: राज्य सरकार, केंद्र सरकार के विभागों या उपक्रमों में नई सरकारी नौकरी मिलने के कारण पिछला पद छोड़ने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत दी गई है। ऐसे मामलों में प्रशिक्षण के दौरान मिले वेतन-भत्तों के साथ-साथ प्रशिक्षण व्यय की भी कोई वसूली नहीं की जाएगी।
2. एकल महिला कर्मचारियों और सरोगेसी के लिए विशेष प्रावधान
महिला कर्मचारियों के कल्याण को सर्वोपरि रखते हुए कैबिनेट ने दो बड़े निर्णय लिए हैं:
- चाइल्ड केयर लीव (CCL): एकल महिला राज्य कर्मचारियों को अब एक कैलेंडर वर्ष में चाइल्ड केयर लीव (CCL) तीन के स्थान पर छह चरणों (6 Times) में स्वीकृत की जा सकेगी। इससे वे अपने बच्चों की देखभाल अधिक सहजता से कर सकेंगी।
- मातृत्व अवकाश (Maternity Leave): सरोगेसी के माध्यम से संतान प्राप्ति करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। अब सरोगेट मदर (Surrogate Mother) को 180 दिन और कमीशनिंग मदर (Commissioning Mother) को 90 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाएगा।
3. टीएडी (TAD) विभाग में 470 पदों पर सीधी भर्ती का मार्ग प्रशस्त
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित राजकीय आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में छात्रावास अधीक्षक (वार्डन) के पदों को राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा (समान पात्रता परीक्षा) नियम 2022 में शामिल कर लिया गया है।
- कैबिनेट ने राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम 2001 में परीक्षा योजना, नेगेटिव मार्किंग, 40 प्रतिशत न्यूनतम उत्तीर्ण अंक और विस्तृत पाठ्यक्रम से जुड़े संशोधनों को मंजूरी दे दी है।
- इस निर्णय से TAD विभाग में छात्रावास अधीक्षक महिला ग्रेड-2 के 254 पदों सहित कुल 470 पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। पहले ये पद शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर भरे जाते थे। अब पृथक कैडर बनने से युवाओं को सीधी नौकरी मिलेगी।
4. वन अधीनस्थ सेवा नियमों में संशोधन से पदोन्नति के अवसर बढ़े
वन विभाग में कार्यरत अधीनस्थ कर्मचारियों की पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि के लिए राजस्थान वन अधीनस्थ सेवा नियम 2015 में संशोधन को मंजूरी मिल गई है। इस बदलाव के तहत:
- वनरक्षक से सहायक वनपाल
- सहायक वनपाल से वनपाल
- सर्वेयर से कनिष्ठ अभियंता (JE) के पद पर समयबद्ध पदोन्नति हो सकेगी। इससे विभाग में रिक्त पड़े पद तेजी से भरे जा सकेंगे।
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- राजस्थान कैबिनेट का बड़ा फैसला: राजपत्रित पद छोड़ने पर वेतन की वसूली नहीं, महिला कर्मचारियों को मिली सौगातें
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