Rajasthan Police Drone Force: आसमान से होगी अपराधियों की निगरानी, राजस्थान पुलिस ने तैयार की ड्रोन फोर्स; रात के अंधेरे में भी रखेगी नजर

जयपुर: राजस्थान में अब अपराधी सुनसान गलियों, खेतों, जंगलों या अंधेरे की आड़ में पुलिस से बच नहीं पाएंगे। स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए राजस्थान पुलिस ने ड्रोन तकनीक को अपने ऑपरेशनल सिस्टम का मुख्य हिस्सा बना लिया है। इसके तहत अब पुलिसकर्मियों को केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर आसमान से भी अपराधियों की तलाश और निगरानी करने की ताकत मिल गई है।

सप्तशक्ति ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल में विशेष प्रशिक्षण

श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान स्थित सप्तशक्ति ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल (एसएसडीटीएस) में तीन सप्ताह तक चले विशेष पुलिस ड्रोन इंटीग्रेशन कोर्स का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कांस्टेबल से लेकर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर तक के 17 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इन्हें ड्रोन संचालन की बारीकियों, मिशन आधारित उड़ान और दिन-रात सर्विलांस (निगरानी) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

सिर्फ उड़ाना नहीं, मिशन पूरा करना भी सीखा

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य केवल ड्रोन उड़ाना सिखाना नहीं था, बल्कि किसी भी अपराध, कानून-व्यवस्था की स्थिति या विशेष ऑपरेशन में ड्रोन का रणनीतिक उपयोग सुनिश्चित करना था। पुलिसकर्मियों को निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षित किया गया:

  • फर्स्ट पर्सन व्यू ड्रोन सिमुलेशन और सर्विलांस ड्रोन ऑपरेशन
  • मिशन प्लानिंग, फ्लाइंग सेफ्टी और एयर स्पेस Management के नियम
  • ड्रोन की असेंबली, डिसअसेंबली, मेंटेनेंस और तकनीकी संचालन

दिन के साथ रात में भी होगी सर्विलांस

इस प्रशिक्षण की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि पुलिसकर्मियों को रात्रिकालीन (Night-time) ड्रोन सर्विलांस का भी गहन अभ्यास कराया गया। इससे भविष्य में अपराधियों की तलाश, संवेदनशील इलाकों की निगरानी, बड़े पुलिस ऑपरेशन, भीड़ नियंत्रण और ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में मदद मिलेगी जहां जमीन से नजर रखना मुश्किल होता है।

दो अधिकारियों को मिला DGCA का रिमोट पायलट सर्टिफिकेट

प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस विभाग के दो अधिकारियों को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से जारी रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) भी प्रदान किए गए। इससे विभाग में प्रमाणित ड्रोन पायलटों की संख्या और क्षमता में इजाफा हुआ है।

24 तरह के इस्तेमाल का रोडमैप तैयार

राजस्थान पुलिस अब ड्रोन के उपयोग को कुछ चुनिंदा ऑपरेशन तक सीमित नहीं रखना चाहती। विभाग ने पुलिसिंग में ड्रोन के 24 संभावित एप्लीकेशन्स के क्रियान्वयन के लिए एक विस्तृत ड्राफ्ट रोडमैप तैयार किया है। मुख्यालय से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा, जिससे ड्रोन का उपयोग एक तय मानक और स्पष्ट ऑपरेशनल व्यवस्था के तहत हो सके।

स्मार्ट पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस आधुनिक तकनीक को अपनाकर अपनी कार्यक्षमता को लगातार मजबूत कर रही है। वहीं, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस वी.के. सिंह ने इसे पुलिसिंग में ड्रोन तकनीक के सुरक्षित और उद्देश्यपूर्ण इस्तेमाल की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है। राजस्थान पुलिस की यह पहल राज्य में ‘जमीन पर पुलिस और आसमान में उसकी नजर’ की अवधारणा को और अधिक प्रभावी बनाएगी।


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