जयपुर/बाड़मेर। राजस्थान की धरा अब सिर्फ सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए ही नहीं, बल्कि काले सोने (क्रूड ऑयल) और प्राकृतिक गैस के मामले में भी पूरे देश का भाग्य बदलने की राह पर है। राजस्थान की रेतीली धरती के नीचे छिपे ‘काले सोने’ (क्रूड ऑयल) को लेकर ‘Expose Now’ के हाथ कुछ ऐसे पुख्ता और एक्सक्लूसिव दस्तावेज लगे हैं, जो यह साबित करते हैं कि राजस्थान आने वाले दिनों में देश का सबसे बड़ा तेल उत्पादक गढ़ बनने जा रहा है। रिफाइनरी का काम अंतिम चरण में आने के साथ ही पर्दे के पीछे नए तेल भंडारों को खोजने का काम बेहद आक्रामक तरीके से शुरू हो चुका है। केंद्र सरकार की ओपन एक्रेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) के तहत राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में कुल 14 नए पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन ब्लॉक बांटे गए हैं, जहाँ देश की दिग्गज कंपनियां गुपचुप तरीके से ड्रिलिंग और सिस्मिक सर्वे में जुटी हुई हैं। ‘Expose Now’ की इस विशेष खोजी रिपोर्ट में पढ़िए कि आखिर राजस्थान के किस कोने में कितना बड़ा खजाना छुपा है और तेल के इस खेल से राजस्थान की किस्मत कैसे बदलने वाली है।
‘मिशन दुर्गा’ और ‘KW-2’ – मिल गया नया तेल, चल रहा है सीक्रेट ट्रायल:-
हमारी इनवेस्टिगेटिव टीम को मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान के तेल क्षेत्र में दो बहुत बड़ी कामयाबियां हाथ लगी हैं:
-बाड़मेर में बड़ी खोज: दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने ब्लॉक (RJ-ONHP-2017/1) की गहराई में दो नए तेल भंडारों को ढूंढ निकाला है, जिन्हें बेहद गोपनीय तरीके से ‘दुर्गा’ और ‘KW-2’ कोडनेम दिया गया है।
-बीकानेर के ‘सालासर’ में मिला भारी तेल: ओएनजीसी (ONGC) को बीकानेर क्षेत्र के नाल बड़ी और सालासर ब्लॉक में किए गए आधुनिक सिस्मिक सर्वे में ‘हैवी क्रूड ऑयल’ के बेहद मजबूत संकेत मिले हैं।
-कब शुरू होगा प्रोडक्शन: अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, इन सभी नए ब्लॉकों में तेल की ‘व्यावसायिक उपयोगिता’ (Commercial Viability) की टेस्टिंग आखिरी चरण में है। यह टेस्ट पास होते ही इन नए कुओं से कच्चे तेल का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया जाएगा।
ओनरशिप मैप – 14 ब्लॉकों पर किन कॉर्पोरेट दिग्गजों का है कब्जा:-
राजस्थान की जमीनी सीमा के भीतर 14 बड़े एक्सप्लोरेशन ब्लॉकों पर देश की चार बड़ी कंपनियों ने घेराबंदी कर रखी है:
-वेदांता लिमिटेड (9 ब्लॉक्स): बाड़मेर, जालौर, बालोतरा और जैसलमेर में फैले 14 में से अकेले 9 सबसे बड़े ब्लॉकों पर वेदांता का एकाधिकार है।
-ऑयल इंडिया लिमिटेड (2 ब्लॉक्स): बीकानेर और नवगठित फलौदी जिले के 2 विशाल ब्लॉकों (लगभग 3,339 वर्ग किमी क्षेत्र) पर यह सरकारी कंपनी काम कर रही है।
-गेल इंडिया लिमिटेड (1 ब्लॉक): बाड़मेर-जैसलमेर के सीमावर्ती 1 ब्लॉक (486.39 वर्ग किमी) में गैस और तेल की तलाश में जुटी है।
-ओएनजीसीएल (1 ब्लॉक): बीकानेर और श्रीगंगानगर के 1 ब्लॉक में हैवी ऑयल प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।
वर्तमान लाइव स्टेटस, रोज निकल रहा है 63,000+ बैरल तेल:-
नए कुओं की खोज के साथ-साथ पुराने स्थापित कुओं से भी हर मिनट तेल और गैस निकाले जा रहे हैं:
-मंगला, भाग्यम व शक्ति (बाड़मेर-बालोतरा): केयर्न वेदांता और ओएनजीसी के इस सबसे बड़े सेटअप से हर दिन लगभग 63,822 बैरल क्रूड ऑयल (मंगला से 52,422 और भाग्यम-शक्ति से 11,400 बैरल) निकाला जा रहा है। साथ ही 2.73 मिलियन घन मीटर गैस रोज निकल रही है।
-तनोट डांडेवाला (जैसलमेर): ऑयल इंडिया यहाँ से हर दिन 0.73 मिलियन घन मीटर नेचुरल गैस की सप्लाई ग्रिड को दे रही है।
-बागेवाला (बीकानेर-फलौदी): इस क्षेत्र से रोजाना 623 बैरल हेवी क्रूड ऑयल का उत्पादन हो रहा है।
राजस्थान में नौकरियों और पैसों की आएगी बाढ़:-
इस पूरी पड़ताल के बाद ‘Expose Now’ यह दावा करता है कि जैसे ही ‘दुर्गा’ और ‘KW-2’ जैसी नई साइट्स से तेल का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होगा, राजस्थान सरकार के राजस्व में अप्रत्याशित उछाल आएगा। हालांकि विभाग के अधिकारी अभी सुरक्षा और तकनीकी कारणों से इस नए भंडार के सटीक वॉल्यूम (आकलन) को सार्वजनिक करने से बच रहे हैं, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह खोज इतनी बड़ी है कि इससे स्थानीय स्तर पर हजारों नए तकनीकी और गैर-तकनीकी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। राजस्थान का रेगिस्तान अब देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे बड़ा ‘ब्लैक गोल्ड हब’ बनने की कगार पर खड़ा है।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now
